T20 World Cup 2026

भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी को मिलेगी नई धार, 600 से ज्यादा शिकार करने वाले गेंदबाज को बड़ी जिम्मेदारी; BCCI का अहम फैसला

47 वर्षीय जहीर खान भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 610 विकेट हासिल किए हैं.

Anuj

नई दिल्ली: तेज गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अहम पहल की है. बोर्ड ने भारत के पूर्व स्टार तेज गेंदबाज जहीर खान को बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विशेष फास्ट बॉलिंग कैम्प आयोजित कराने की जिम्मेदारी दी है.

इस कैम्प का उद्देश्य देशभर से चुने गए युवा तेज गेंदबाजों को बेहतर तकनीकी और मानसिक प्रशिक्षण देना है, ताकि वे भविष्य में राष्ट्रीय टीम के लिए तैयार हो सके. रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फास्ट बॉलिंग कोच का पद खाली है. ऑस्ट्रेलियाई कोच ट्रॉय कूली का कार्यकाल पिछले साल दिसंबर में समाप्त हो गया था और अभी तक इस पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई है.

VVS लक्ष्मण ने दिया समर्थन

इस पहल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड ऑफ क्रिकेट वीवीएस लक्ष्मण ने पूरा समर्थन दिया है. उनका मानना है कि युवा तेज गेंदबाजों को व्यवस्थित और वैज्ञानिक प्रशिक्षण की जरूरत है, ताकि भारतीय टीम की गेंदबाजी बेंच-स्ट्रेंथ मजबूत हो सके. पिछले कुछ वर्षों में खासकर टेस्ट क्रिकेट में चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण तेज गेंदबाजों के विकल्प सीमित रहे हैं. बीसीसीआई चाहता है कि भविष्य में टीम के पास अधिक तैयार और फिट तेज गेंदबाज उपलब्ध रहे.

जहीर खान ने लिए 610 विकेट

47 वर्षीय जहीर खान भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 610 विकेट हासिल किए हैं. विदेशी परिस्थितियों में लंबा स्पेल डालने, स्विंग गेंदबाजी और फिटनेस बनाए रखने का उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है.

कोचिंग और मेंटरिंग का अनुभव

जहीर खान को कोचिंग और मेंटरिंग का भी अच्छा अनुभव है. उन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ काम करते हुए कई तेज गेंदबाजों के विकास में भूमिका निभाई, जिनमें जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी भी शामिल रहे. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उनका मार्गदर्शन युवा गेंदबाजों की तकनीक और सोच दोनों को मजबूत करेगा.

युवा गेंदबाजों को मिलेगी मदद

फिलहाल, यह जिम्मेदारी अस्थायी मानी जा रही है, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल सफल रहती है तो जहीर खान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्थायी भूमिका भी मिल सकती है. हालांकि, पूर्णकालिक पद संभालना बड़ा और समय लेने वाला दायित्व होगा.

बीसीसीआई की यह पहल भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की अगली पीढ़ी तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. युवा गेंदबाजों को अनुभवी मार्गदर्शक मिलने से भविष्य में टीम इंडिया की गेंदबाजी ताकत और मजबूत होने की उम्मीद है.