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PR Sreejesh का वो प्लान, जो सफल हुआ तो भारत में खड़ी हो जाएगी हॉकी खिलाड़ियों की फौज

PR Sreejesh: भारत में जब भी खेलों की बात आती है, क्रिकेट का दबदबा दिखता है. इस खेल का स्टारडम काफी ज्यादा है. सभी खेलों पर क्रिकेट ही हावी है. अब पीआर श्रीजेश जिन्होंने हाल में हॉकी से संन्यास लिया है, वो इस खेल में खिलाड़ियों की फौज खड़ी करना चाहते हैं. उन्होंने अपने फ्यूचर प्लान का खुलासा किया है

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PR Sreejesh का वो प्लान, जो सफल हुआ तो भारत में खड़ी हो जाएगी हॉकी खिलाड़ियों की फौज
Courtesy: Twitter

PR Sreejesh: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय हॉकी टीम ने स्पेन को 2-1 से हराकर ब्रॉन्ज जीता. इस जीत में गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने पूरा जोर लगाया. वे पूरे टूर्नामेंट में चट्टान की तरह गोल की रक्षा करते रहे. अपना आखिरी टूर्नामेंट खेलने वाले पी आर श्रीजेश अभी हॉकी के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं. वो इस खेल को क्रिकेट की तरह फेमस करना चाहते हैं. उन्होंने पीटीआई के साथ अपने फ्यूचर प्लान के बारे में बातचीत की. 36 साल का यह दिग्गज युवा खिलाड़ियों के साथ काम करना चाहता है. ठीक वैसे ही जैसे भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच बनने से पूर्व राहुल द्रविड़ किया करते थे.

मेरी कोच बनने की तमन्ना

पीआर श्रीजेश ने कहा 'मेरी कोच बनने की तमन्ना है. यह हमेशा से ही मेरा भविष्य को लेकर योजना रहा है. मैं जूनियर खिलाड़ियों के साथ एक नई पारी की शुरुआत करना चाहता हूं. राहुल द्रविड़ इसके एक सटीक उदाहरण हैं. इसे ऐसे आप देख सकते हैं जैसे आप कई खिलाड़ियों को तैयार करते हैं और उन्हें सीनियर टीम में शामिल करने की योजना बनाते हैं.'

हॉकी इंडिया ने किया ये फैसला

देश के लिए सालों तक बढ़िया प्रदर्शन करने वाले और ओलंपिक में 2 ब्रॉन्ज जिताने वाले श्रीजेश के सम्मान में हॉकी इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है. अब उनकी जर्सी नंबर 16 को भी रिटायर कर दिया है. इसी नंबर की जर्सी को पहनकर श्रीजेश हमेशा ही मैदान में शिरकत करते थे. हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा भविष्य में किसी भी सीनियर टीम के खिलाड़ी को 16 नंबर की जर्सी नहीं दी जाएगी. हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की मानते हैं कि श्रीजेश ने आधुनिक भारतीय हॉकी में 'भगवान' कहलाने का अधिकार अर्जित किया है.

कैसा रहा पीआर श्रीजेश का करियर

पीआर श्रीजेश भारतीय हॉकी का बड़ा नाम हैं. वो स्टार गोलकीपर रहे. वो अपनी टीम के लिए एक दीवार की तरह रहे, जिसे तोड़ना विरोधियों के लिए आसान नहीं होता था. पेरिस ओलंपिक उनके करियर का चौथा ओलंपिक था, जिसमें वो ब्रॉन्ज मेडल के साथ रिटायर हुए. श्रीजेश ने भारत के लिए 336 मैच खेले हैं. वो कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप भी खेल चुके हैं.

ओलंपिक में दो ब्रॉन्ज दिलाने में श्रीजेश का अहम रोल

36 साल के श्रीजेश ने 2021 में आयोजित हुए टोक्यो ओलंपिक में भी शानदार गोलकीपिंग करते हुए देश को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. अब पेरिस में भी गोलपोस्ट के सामने उनका जादू चला. वो पूरे टूर्नामेंट में चट्टान की तरह भारतीय गोल की रक्षा करते रहे. टीम इंडिया आखिर में ब्रॉन्ज जीतने में सफल रही.



पीआर श्रीजेश की उपलब्धियां

पीआर श्रीजेश ने 2010 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था. वो 2014 एशियाई खेलों में गोल्ड और 2018 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम के सदस्य रहे. 2018 में एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी की संयुक्त विजेता टीम, भुवनेश्वर में 2019 एफआईएच पुरुष सीरीज फाइनल की स्वर्ण पदक विजेता टीम और बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक विजेता टीम के सदस्य भी रह चुके हैं.