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India Daily

'बहुत ज्यादा चुभता है...', इस पूर्व खिलाड़ी ने विराट कोहली के फैसले पर उठाए सवाल; रूट-स्मिथ और विलियमसन का दिया उदाहरण

संजय मांजरेकर ने कहा कि टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के लिए वनडे क्रिकेट सबसे आसान फॉर्मेट माना जाता है. असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में होती है, जहां धैर्य, तकनीक और मजबूत मानसिकता की जरूरत पड़ती है.

Anuj
Edited By: Anuj
'बहुत ज्यादा चुभता है...', इस पूर्व खिलाड़ी ने विराट कोहली के फैसले पर उठाए सवाल; रूट-स्मिथ और विलियमसन का दिया उदाहरण
Courtesy: social media

नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली ने पिछले साल मई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के फैसले पर काफी चर्चा होती है. कोई इस फैसले को लेकर विराट कोहली का समर्थन करता है, तो कोई उसके खिलाफ बोलता है. अब उनके इस फैसले पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने निराशा जताई है. उनका मानना है कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को बहुत जल्दी छोड़ दिया और उन्हें थोड़ा और संघर्ष करना चाहिए था.

संजय मांजरेकर ने क्या कहा?

संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि जिस दौर में जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, उसी समय विराट कोहली का टेस्ट से हट जाना ज्यादा चुभता है. उन्होंने कहा कि कोहली के साथ खेलने वाले खिलाड़ी जैसे जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन अभी भी टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.

मांजरेकर की सबसे बड़ी नाराजगी

मांजरेकर के अनुसार, कोहली ने संन्यास से पहले के लगभग पांच सालों में टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी को सुधारने की पूरी कोशिश नहीं की. उनका कहना है कि अगर कोहली चाहते तो अपनी कमजोरियों पर काम कर सकते थे और जरूरत पड़ने पर कुछ समय के लिए टीम से बाहर बैठने का फैसला भी ले सकते थे. मांजरेकर को इस बात से भी ज्यादा निराशा हुई कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ दिया, लेकिन वनडे क्रिकेट खेलना जारी रखा.

'असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में होती है'

संजय मांजरेकर ने कहा कि टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के लिए वनडे क्रिकेट सबसे आसान फॉर्मेट माना जाता है. असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में होती है, जहां धैर्य, तकनीक और मजबूत मानसिकता की जरूरत पड़ती है. उन्होंने कहा कि अगर कोहली तीनों फॉर्मेट से एक साथ संन्यास लेते तो बात समझ में आती, लेकिन केवल टेस्ट छोड़कर वनडे खेलना उन्हें सही नहीं लगा. उन्होंने यह भी कहा कि विराट कोहली की फिटनेस आज भी दमदार है. इसलिए वह कुछ और साल टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए लड़ सकते थे।

ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद बनीं कमजोरी

साल 2020 से 2025 के बीच विराट कोहली का टेस्ट प्रदर्शन खास नहीं रहा. इस दौरान उन्होंने 39 टेस्ट मैचों में 30.72 की औसत से 2028 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 9 अर्धशतक शामिल थे. ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदें उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बनी रही. ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने उन्हें पांच बार आउट किया. अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज में कोहली ने 9 पारियों में केवल 190 रन बनाए, जिसमें एक शतक शामिल था.

विराट कोहली का टेस्ट करियर

विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में कुल 123 मैच खेले और 9230 रन बनाए. उनके नाम 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं. टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली का औसत 46.85 का है. हालांकि, 2019 के अंत तक उनका औसत करीब 55 था, जो बाद के वर्षों में काफी गिर गया.