नई दिल्ली: विराट कोहली ने हाल ही में दो लगातार वनडे शतक ठोके. रांची में ठंडी हवा में और रायपुर में गर्मजोशी भरे माहौल में उन्होंने बल्ला उठाया. ये उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के 83वें और 84वें शतक थे.
इन दोनों पारियों में पुराना विराट नजर आया. कमाल का फुटवर्क, दिमाग की साफ-साफ सोच और आँखों में वो पुरानी भूख. विराट की पिछली दो पारियों में यह सबकुछ साफ नजर आया. ऐसे में फिर वही सवाल सबके दिमाग में घूमने लगा क्या विराट सच में 100 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरे कर पाएँगे?
विराट ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. टी20 इंटरनेशनल से तो उन्होंने दो साल पहले ही अलविदा कह दिया था. अब उनका पूरा ध्यान सिर्फ वनडे पर है. वनडे का कैलेंडर लगातार सिकुड़ रहा है. टी20 लीग और बाकी फॉर्मेट की वजह से वनडे को कम मौके मिलते हैं. हालांकि, यही सिकुड़ता हुआ फॉर्मेट शायद विराट के लिए एकमात्र रास्ता बन जाए.
अभी तक के फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) के हिसाब से 2027 वर्ल्ड कप तक भारत के करीब 29 वनडे तय हैं. न्यूज़ीलैंड, अफगानिस्तान, इंग्लैंड (इंग्लैंड में), वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड (दूसरी बार, बाहर), श्रीलंका हर टीम से 3-3 मैच खेले जाने हैं. 2027 वर्ल्ड कप में भी कम से कम 11 मैच मिल सकते हैं. (अगर फाइनल तक पहुँचे तो).
कुल मिलाकर बिना कुछ जोड़े 29 मैच तो पक्के हैं. हालांकि, क्रिकेट का शेड्यूल बदलता रहता है. एशिया कप वनडे फॉर्मेट में हो सकता है वर्ल्ड कप से पहले तैयारी के लिए सीरीज हो सकती हैं. ऐसे में 35 से 38 वनडे तक पहुँच जाना कोई बड़ी बात नहीं. यानी ज्यादा से ज्यादा 38 मौके.
विराट का सबसे खतरनाक दौर 2017-2019 था. उस दौरान उन्होंने सिर्फ 65 वनडे पारियों में 17 शतक ठोके थे. यानी हर 3.8 पारी में एक शतक. अब उन्हें उस दौर से भी बेहतर करना होगा. हर 2.1 से 2.3 पारी में शतक चाहिए.
कागज पर ये नामुमकिन लगता है लेकिन विराट कागज के खिलाड़ी कभी रहे नहीं. विराट के करियर में 11 बार ऐसा हुआ है जब उन्होंने लगातार वनडे शतक लगाए हों कभी दो, कभी तीन, कभी ज्यादा. इतिहास में कोई और खिलाड़ी उनके आसपास भी नहीं पहुँचा.
2027 वर्ल्ड कप तक भारत अधिक से अधिक 38 वनडे मैच खेल सकता है. ऐसे में इसको देखते हुए कोहली को हर दूसरी पारी में शतक लगाना है, जो मुश्किल ही दिखाई दे रहा है. हालांकि, देखना होगा कि कोहली 100 शतकों के कितने करीब अपने करियर को समाप्त करते हैं.