अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले वैभव सूर्यवंशी का फ्लॉप शो, युवा बल्लेबाज का नहीं चला बल्ला

भारत के उभरते खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी का अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 से पहले प्लॉप शो देखने को मिला है. वे इंग्लैंड के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके.

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Praveen Kumar Mishra

नई दिल्ली: आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 15 जनवरी से जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने जा रही है. टूर्नामेंट से पहले सभी टीमें अभ्यास मैचों में अपनी तैयारियों को परख रही हैं. इसी कड़ी में भारत अंडर-19 टीम का सामना इंग्लैंड अंडर-19 टीम से हुआ, जहां भारतीय टीम के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके.

इस मुकाबले में भारतीय अंडर-19 टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. हालांकि यह फैसला टीम के पक्ष में जाता नजर नहीं आया. शुरुआत से ही इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया. टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज माने जा रहे वैभव सूर्यवंशी भी इस दबाव को झेल नहीं सके.

वैभव सूर्यवंशी रहे फ्लॉप

महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी से इस मैच में बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे सिर्फ 4 गेंदों में 1 रन बनाकर आउट हो गए. इंग्लैंड के गेंदबाज सेबेस्टियन मॉर्गन की गेंद पर उन्होंने थॉमस रेव को कैच थमा दिया. वर्ल्ड कप से पहले उनका इस तरह जल्दी आउट होना टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बन गया है.

अन्य बल्लेबाज भी नहीं दिखा सके दम

वैभव के अलावा बाकी बल्लेबाज भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके. वेदांत त्रिवेदी ने 13 गेंदों में केवल 14 रन बनाए, जबकि विहान मल्होत्रा सिर्फ 10 रन ही जोड़ पाए. लगातार विकेट गिरने से भारतीय पारी दबाव में आ गई और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही.

कप्तान आयुष म्हात्रे ने दिखाई लड़ाई

हालांकि टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने जिम्मेदारी निभाते हुए शानदार पारी खेली. उन्होंने 40 गेंदों में 49 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 4 लंबे छक्के शामिल थे. आयुष की इस पारी ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में मदद की.

पहले मैचों में शानदार रहा है वैभव का प्रदर्शन

यह पहला मौका नहीं है जब वैभव सूर्यवंशी सुर्खियों में आए हों. इससे पहले स्कॉटलैंड के खिलाफ उन्होंने 96 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी, हालांकि वह शतक से चूक गए थे. वहीं दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वैभव ने 127 और 68 रनों की दो शानदार पारियां खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था. जब भी वैभव का बल्ला चलता है, भारतीय टीम की जीत की उम्मीदें मजबूत हो जाती हैं.