नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन जारी है, जिसमें भारतीय टीम ने नीदरलैंड्स के खिलाफ अपना आखिरी ग्रुप मैच खेला. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में स्टार ऑलराउंडर शिवम दुबे ने शानदार प्रदर्शन किया.
शिवम दुबे ने संकट के समय 66 रनों की प्रभावशाली पारी खेली और गेंदबाजी में दो विकेट भी झटके. इस हरफनमौला खेल के लिए दुबे को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया है. मैच के बाद उन्होंने खुलासा किया कि उनकी बल्लेबाजी में यह बदलाव पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सलाह का नतीजा है.
शिवम दुबे ने माना कि करियर की शुरुआत में उन्हें तेज गेंदबाजों के खिलाफ काफी परेशानी होती थी. IPL में शुरुआती दौर में वह गेंद को सही तरीके से नहीं मार पा रहे थे. तब उन्हें एहसास हुआ कि अगर बड़े स्तर पर टिकना है, तो अपनी कमजोरी पर काम करना होगा. ऑफ-सीजन में उन्होंने मेहनत की और अपनी तकनीक पर ध्यान दिया.
दुबे ने बताया कि महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें एक महत्वपूर्ण सलाह दी थी. दुबे के अनुसार, धोनी ने कहा था कि हर गेंद पर छक्का लगाने की जरूरत नहीं होती. चौके और स्ट्राइक रोटेशन भी उतने ही अहम हैं. इस बात ने दुबे को स्पष्टता दी. अब वह अच्छी गेंद मिलने पर बाउंड्री मारने कोशिश करते हैं, लेकिन बेवजह जोखिम नहीं लेते.
आपको बता दें कि नीदरलैंड्स के खिलाफ जिस समय भारतीय पारी संकट में थी, उस समय शिवम दुबे ने बेहतरीन खेल दिखाया. उन्होंने 31 गेंदों पर 66 रन की मैच जीताऊ पारी खेली. दुबे ने अपनी पारी में 6 छक्के और 4 चौके लगाए. शिवम दुबे ने जरूरत पड़ने पर रन गति बढ़ाई, लेकिन शुरुआत में धैर्य बनाए रखा.
दुबे का कहना है कि वह दबाव महसूस नहीं करते, बल्कि मैच की स्थिति को समझते हैं. अगर विकेट गिरते हैं, तो उनकी कोशिश होती है कि अंत तक टिके रहें. उनका मानना है कि आखिरी ओवर में 10-15 रन जोड़ना मैच का रुख बदल सकता है. इसलिए वह मध्य ओवरों में अनावश्यक जोखिम से बचते हैं.