'सैटेलाइट फोन पर दाऊद इब्राहिम से हुई बात...' ललित मोदी का बड़ा खुलासा, बताया क्यों अचानक छोड़ना पड़ा IPL
आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने दावा किया है कि दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से मिली धमकियों, एक फ्रेंचाइजी पर नियंत्रण की कोशिशों और अवैध सट्टेबाजी को रोकने की वजह से उन्हें क्रिकेट प्रशासन से दूर होना पड़ा.
IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने एक इंटरव्यू में दाऊद इब्राहिम को लेकर कई बड़े दावे किए हैं. आईपीएल के शुरुआती समय में उन्होंने अवैध सट्टेबाजी और अंडरवर्ल्ड दखल का विरोध किया था. इसी कारण उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ा. उन्होंने दावा किया कि हालात इतने गंभीर हो गए थे कि उन्हें क्रिकेट से पूरी तरह अलग होना पड़ा.
दाऊद से जुड़े दावों ने बढ़ाई हलचल
ललित मोदी ने दावा किया कि उन्हें कई सालों तक दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क की ओर से दबाव और धमकियां मिलती रहीं. 2012 में लंदन में हुई एक मुलाकात के दौरान उन्हें एक ऐसे युवक के पास ले जाया गया, जिसने सैटेलाइट फोन के जरिए दाऊद इब्राहिम से उनकी बात कराई. मोदी ने कहा कि उस बातचीत ने उन्हें झकझोर कर रख दिया था. उनका आरोप है कि इसके बाद लगातार ऐसे संदेश आते रहे, जिनमें आर्थिक मांगों और क्रिकेट से जुड़े हितों का जिक्र किया जाता था.
मोदी और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के बीच टकराव
मोदी के मुताबिक, कुछ लोग आईपीएल की एक फ्रेंचाइजी पर अपना नियंत्रण चाहते थे. उन्होंने कहा कि अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को नुकसान पहुंचने के कारण उनसे आर्थिक भरपाई की मांग भी की गई. मोदी का दावा है कि उन्होंने किसी भी तरह का समझौता करने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि आईपीएल को पारदर्शी बनाने और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिशों ने उन्हें कुछ ताकतवर लोगों के निशाने पर ला दिया. इसी वजह से उनके और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के बीच टकराव बढ़ता गया.
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दक्षिण अफ्रीका में टूर्नामेंट शिफ्ट करने का असर
पूर्व आईपीएल प्रमुख ने 2009 के उस फैसले का भी जिक्र किया. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट को भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट कर दिया था. मोदी का कहना है कि इस बदलाव ने कई अवैध सट्टा बाजारों की योजनाओं को प्रभावित किया. उनके अनुसार, कुछ लोगों ने यह मानकर दांव लगाए थे कि प्रतियोगिता आयोजित ही नहीं होगी. जब टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका में खेला गया, तो भारी आर्थिक नुकसान हुआ. इसके बाद उनके खिलाफ नाराजगी और बढ़ गई.
क्रिकेट से दूरी बनाने की वजह
ललित मोदी ने कहा कि क्रिकेट प्रशासन छोड़ना उनके लिए आसान फैसला नहीं था लेकिन सुरक्षा चिंताओं ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया. उनका कहना है कि भारत छोड़ने और बाद में क्रिकेट से दूर होने के पीछे कई कारण थे. 2010 में बीसीसीआई ने उन पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की थी और बाद में उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया.