नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष सौरव गांगुली के परिवार को कथित धमकी भरे पत्र मिलने से कोलकाता में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. सोमवार को उनके कार्यालय में दो नए पत्र पहुंचे, जिनमें गांगुली, उनकी पत्नी डोना और करीबी लोगों को नुकसान पहुंचाने की धमकी होने का दावा किया गया है. परिवार की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने पत्रों की जांच शुरू कर दी है और भेजने वाले की पहचान की जा रही है.
परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कथित धमकी भरे पत्र पिछले करीब छह महीने से मिल रहे थे. शुरुआत में इन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया. परिवार को लगा कि संभवत: किसी उत्साही प्रशंसक ने ऐसा किया होगा. लेकिन समय के साथ पत्रों की संख्या और भाषा को देखते हुए चिंता बढ़ने लगी. सोमवार को मिले नए पत्रों के बाद परिवार ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस शिकायत के मुताबिक, सोमवार को गांगुली के कार्यालय में दो पत्र मिले. इनमें पूर्व क्रिकेटर और उनकी पत्नी को जान से मारने तथा उनके करीबियों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी. पत्र अंग्रेजी भाषा में लिखे होने की बात सामने आई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने दक्षिण कोलकाता के ठाकुरपुकुर थाने में लिखित शिकायत दी. राज्य सरकार के सुरक्षा विभाग को भी इसकी जानकारी दी गई है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच टीम पत्रों में लिखी सामग्री की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन्हें किसने भेजा और इसके पीछे मकसद क्या था. शुरुआती जांच में कथित तौर पर उत्तर 24 परगना जिले के बेलघरिया इलाके के एक व्यक्ति का नाम सामने आया है. बताया गया है कि पत्र कूरियर के जरिए भेजे गए.
पुलिस अब कूरियर से जुड़े रिकॉर्ड और पत्रों से मिले दूसरे सुरागों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही धमकी देने वाले व्यक्ति और उसके मकसद को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी. गांगुली फिलहाल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष हैं. मामले में उनकी ओर से दर्ज शिकायत को आधार बनाकर पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
लगातार धमकी भरे पत्र मिलने के बाद गांगुली परिवार की सुरक्षा को लेकर भी संबंधित विभागों को सतर्क किया गया है. परिवार ने शुरुआत में मामलों को नजरअंदाज किया था, लेकिन लगातार मिल रहे पत्रों ने स्थिति को गंभीर बना दिया. अब पुलिस की जांच के साथ सुरक्षा एजेंसियां भी मामले पर नजर रख रही हैं. फिलहाल पुलिस का मुख्य ध्यान पत्र भेजने वाले की पहचान और धमकी की वास्तविक वजह पता करने पर है.