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India Daily

कोशिश की तारीफ तो बनती है... बंदरों से बचाव के देसी तरीके पर PV सिंधु ने दिया थंब्स अप

PV सिंधु ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले दिल्ली में बंदरों और पक्षियों को दूर रखने की अनोखी तैयारियों की तारीफ की.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
कोशिश की तारीफ तो बनती है... बंदरों से बचाव के देसी तरीके पर PV सिंधु ने दिया थंब्स अप
Courtesy: X

दिल्ली में होने वाली BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले आयोजक किसी भी तरह की परेशानी नहीं चाहते. जनवरी के इंडिया ओपन में पक्षियों और बंदर की वजह से मैच प्रभावित हुए थे. अब स्टेडियम में बंदरों को दूर रखने के लिए खास टीम, मशीनें और कई दूसरे इंतजाम किए गए हैं.

सिंधु ने अनोखे इंतजाम को सराहा

PV सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले किए जा रहे इंतजामों की तारीफ की है. खास तौर पर उन्होंने ज़फ़र की टीम के काम को सराहा, जो लंगूर की आवाज की नकल करके बंदरों को स्टेडियम से दूर रखने की कोशिश करेगी. यह हुनर जफर को उनके परिवार से मिला है और उन्होंने इसे अपने पिता और दादा से सीखा है. सिंधु ने कहा कि लोग इस तरीके पर हंस सकते हैं लेकिन इसकी कोशिश की तारीफ़ होनी चाहिए. उनके मुताबिक, कई लोग पर्दे के पीछे मेहनत कर रहे हैं ताकि भारत दुनिया भर से आने वाले खिलाड़ियों और दर्शकों का अच्छी तरह स्वागत कर सके.

इंडिया ओपन के बाद बढ़ी चिंता

इस तैयारी की एक बड़ी वजह जनवरी में हुआ इंडिया ओपन भी है. उस टूर्नामेंट में कोर्ट पर पक्षियों की बीट के कारण HS प्रणय और लोह कीन यू का मैच दो बार रोकना पड़ा था. साफ-सफाई और दिल्ली की खराब हवा को लेकर भी सवाल उठे थे. अब आयोजकों ने ऐसी परेशानी दोबारा न हो, इसके लिए कई कदम उठाए हैं. वेंट बंद किए गए हैं और लकड़ी के दरवाजों की जगह डबल-डोर सिस्टम लगाया गया है. जफर की चार सदस्यीय टीम भी इसी योजना का हिस्सा है. हालांकि जफर को अपने काम पर गर्व है, लेकिन वह नहीं चाहते कि उनका बेटा भी भविष्य में यही काम करे.

स्टेडियम में 20 करोड़ रुपये से बदलाव

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में करीब 20 करोड़ रुपये खर्च करके कई बदलाव किए जा रहे हैं. स्टेडियम की छत और वेंट पर नॉन-टॉक्सिक जेल लगाया गया है. वहीं शिकारी पक्षियों की आवाज़ निकालने वाली 10 अमेरिकी पेटेंट मशीनें भी लगाई गई हैं. पूरे परिसर में 80 टॉयलेट बदले गए हैं, जिनमें 57 स्टेडियम के अंदर हैं. दो मंजिलों के 16 एंट्री पॉइंट पर ग्लास दरवाजे और ऑटोमैटिक डबल-एंट्री सिस्टम लगाए गए हैं. इंडोनेशिया से आए लाइटिंग विशेषज्ञ भी चैंपियनशिप के हिसाब से रोशनी की व्यवस्था तैयार कर रहे हैं. अब टूर्नामेंट से पहले इन सभी इंतजामों की असली परीक्षा होगी.