100, 84, 103 और अब 98*... भारत के खिलाफ नहीं रुक रहा सोनल दिनुषा का बल्ला, रच डाला अनोखा इतिहास

कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका की वापसी के पीछे सोनल दिनुषा की बल्लेबाजी बड़ी वजह बनी है. भारत के खिलाफ उन्होंने चार पारियों में चार बार 50 से ज्यादा रन बनाकर नया रिकॉर्ड कायम किया है.

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Meenu Singh

भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में चल रहा दूसरा टेस्ट रोमांचक स्थिति में पहुंच चुका है. श्रीलंकाई टीम ने मुकाबले में जोरदार वापसी की है और इसमें सोनल दिनुषा का योगदान बेहद खास रहा. उन्होंने बल्ले से लगातार बड़ी पारियां खेलते हुए भारत के खिलाफ ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जो पहले किसी खिलाड़ी के नाम नहीं था. दो टेस्ट की चार पारियों में दिनुषा ने हर बार 50 से ज्यादा रन बनाए हैं, जिससे वह सीरीज के सबसे प्रभावी बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं.

चार पारियों में चार बार 50+ स्कोर

सोनल दिनुषा ने भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट की पहली पारी में 100 रन बनाए थे. इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 84 रन की पारी खेली. कोलंबो में भी उनका बल्ला शांत नहीं रहा और पहली पारी में उन्होंने 103 रन ठोक दिए. दूसरी पारी में भी दिनुषा ने अर्धशतक जड़कर लगातार चौथी बार 50 से ज्यादा का स्कोर बनाया. इसके साथ ही वह इस पारी में 98 के स्कोर पर खेल रहे हैं वह इसमें शतक से बस 2 रन दूर हैं. 

भारत के खिलाफ बनाया अनोखा रिकॉर्ड

दिनुषा अब पहले ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ अपने शुरुआती दो टेस्ट में चारों पारियों में 50 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं. यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि चार पारियों में लगातार इस तरह का प्रदर्शन करना आसान नहीं होता. उनकी निरंतर बल्लेबाजी ने श्रीलंका को मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने में महत्वपूर्ण मदद की है.


सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज

लगातार चार पारियों में बड़ी पारी खेलने का फायदा दिनुषा को सीरीज के आंकड़ों में भी मिला है. भारत के खिलाफ दो टेस्ट की चार पारियों में 50+ स्कोर के साथ वह इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका की दूसरी पारी को भी मजबूती दी और टीम को भारत के सामने बेहतर स्थिति में पहुंचाया.

निचले क्रम पर भी शतकों का रिकॉर्ड

दिनुषा ने एक और खास उपलब्धि अपने नाम की है. वह श्रीलंका के पहले बल्लेबाज हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में छठे या उससे नीचे के बल्लेबाजी क्रम पर उतरकर एक से ज्यादा शतक लगाए हैं. उनके लगातार शानदार प्रदर्शन ने इस सीरीज में उनकी अलग पहचान बना दी है. भारत के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट में ही दिनुषा ने अपनी बल्लेबाजी से इतिहास रच दिया है.