'फ्लैट पिच का खिलाड़ी...,' शुभमन गिल वापसी के बाद बुरी तरह से हुए फ्लॉप, फैंस ने सोशल मीडिया पर जमकर किया ट्रोल

टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने चोट के बाद विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी की. हालांकि, वे वापसी पर बुरी तरह से फ्लॉप रहे और इसके बाद फैंस ने उन्हें जमकर ट्रोल किया.

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Praveen Kumar Mishra

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के वनडे कप्तान शुभमन गिल की घरेलू क्रिकेट में वापसी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही. विजय हजारे ट्रॉफी में गोवा के खिलाफ खेले गए मुकाबले में गिल सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए. इस खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर फैंस के गुस्से और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा.

काफी समय बाद 50 ओवर के फॉर्मेट में वापसी कर रहे शुभमन गिल से फैंस को बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन वह इसे पूरा नहीं कर सके. गोवा के गेंदबाजों के सामने गिल सहज नजर नहीं आए और जल्दी पवेलियन लौट गए. यह उनका पहला लिस्ट-ए मैच था, जो उन्होंने गर्दन की चोट से उबरने के बाद खेला.

लगातार खराब फॉर्म बनी चिंता

साल 2025 शुभमन गिल के लिए अब तक कुछ खास नहीं रहा है. वनडे क्रिकेट में उनके बल्ले से पिछले सात मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं निकला है. वहीं टी20 फॉर्मेट में भी उनका प्रदर्शन साधारण रहा, जहां पूरे साल में वह सिर्फ एक ही फिफ्टी लगा पाए. खराब फॉर्म का असर यह रहा कि उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम से बाहर कर दिया गया.

सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा

गोवा के खिलाफ फ्लॉप होने के बाद सोशल मीडिया पर शुभमन गिल को जमकर ट्रोल किया गया. कुछ फैंस ने उन्हें “फ्लैट ट्रैक बुली” तक कह दिया, जबकि कई यूजर्स ने दावा किया कि उनका फॉर्म इतना गिर चुका है कि वह अब सामान्य स्तर के गेंदबाजों का भी सामना नहीं कर पा रहे हैं.

यहां पर देखें फैंस की प्रतिक्रियाएं-

चोट के बाद पहला बड़ा इम्तिहान

गौरतलब है कि शुभमन गिल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान गर्दन में गंभीर चोट लग गई थी. इसी चोट के कारण वह टेस्ट और वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे. विजय हजारे ट्रॉफी में यह उनका पहला बड़ा मुकाबला था, जिसे वह खास नहीं बना सके.

आगे खुद को साबित करने की चुनौती

शुभमन गिल के सामने अब खुद को फिर से साबित करने की बड़ी चुनौती है. टीम इंडिया को उनसे अभी भी काफी उम्मीदें हैं लेकिन इसके लिए उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. आने वाले मैचों में उनका फॉर्म ही तय करेगा कि वह आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दे पाते हैं या नहीं.