नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए अच्छी खबर है. लंबे समय से चोट के कारण मैदान से दूर चल रहे श्रेयस अय्यर अब एक बार फिर क्रिकेट के मैदान पर नजर आने वाले हैं. खास बात यह है कि वापसी के साथ ही उन्हें बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी के बचे हुए लीग मैचों के लिए मुंबई टीम का कप्तान बनाया है.
श्रेयस अय्यर यह मुकाबला चोट से उबरने के बाद अपना पहला प्रतिस्पर्धी मैच खेलेंगे. फैंस उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी के आगामी मुकाबलों में एक्शन में देख पाएंगे. यह उनके करियर का अहम पल माना जा रहा है, क्योंकि लंबी रिकवरी के बाद वह दोबारा मैदान पर उतरने जा रहे हैं.
मुंबई टीम की कप्तानी पहले शार्दुल ठाकुर के पास थी लेकिन चोट के कारण वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. महाराष्ट्र के खिलाफ पिछले लीग मैच में शार्दुल को चोट लगी थी, जिसके बाद वह चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे. इसके बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपने का फैसला लिया.
श्रेयस अय्यर को यह चोट पिछले साल अक्टूबर में लगी थी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच के दौरान कैच पकड़ने की कोशिश में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस चोट में उनके प्लीहा (स्प्लीन) में अंदरूनी चोट आई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. हालात इतने गंभीर थे कि कुछ समय के लिए वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे.
इस गंभीर चोट के बाद अय्यर को करीब तीन महीने तक इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर रहना पड़ा. मेडिकल टीम ने जल्दबाजी नहीं की और पूरी सावधानी के साथ उनका इलाज और रिहैब कराया गया. बीसीसीआई की ‘रिटर्न टू प्ले’ नीति के तहत उन्होंने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में समय बिताया, जहां उन्होंने फिटनेस टेस्ट और अभ्यास मैच खेले.
सभी जरूरी फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद मेडिकल टीम ने उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने की अनुमति दी. इसके साथ ही उन्हें भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली वनडे सीरीज के लिए भी टीम में चुना गया है. हालांकि वहां उनका खेलना फिटनेस पर निर्भर करेगा.