वैभव सूर्यवंशी को बाहर करने पर श्रेयस अय्यर ने तोड़ी चुप्पी! बताया- संजू सैमसन को क्यों दिया मौका

इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टी20 में वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने सफाई दी है.

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Ashutosh Rai

भारत की इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-4 की हार के बाद टीम चयन पर सवाल उठ रहे हैं. सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अंतिम मुकाबले से बाहर रखने की रही. अब कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस फैसले के पीछे की वजह साफ कर दी है.

टीम संयोजन को बताया फैसले की वजह

इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को टीम में शामिल करने के फैसले पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने खुलकर बात की. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने हालात और संतुलन को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया था. उनके मुताबिक, टीम को लगा कि इस मुकाबले के लिए यही सबसे बेहतर संयोजन रहेगा. श्रेयस ने बताया कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के साथ एक दाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत महसूस हुई. इसी कारण संजू सैमसन को अंतिम एकादश में शामिल किया गया. उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह टीम की जरूरत को देखते हुए लिया गया था.

संजू सैमसन के अनुभव पर जताया भरोसा

श्रेयस अय्यर ने संजू सैमसन का समर्थन करते हुए कहा कि वह अनुभवी खिलाड़ी हैं और पहले भी भारत के लिए कई अहम मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं. कप्तान के अनुसार, टीम को उम्मीद थी कि संजू का अनुभव इस मैच में काम आएगा. उन्होंने यह भी माना कि भारतीय बल्लेबाजी क्रम में दाएं हाथ के बल्लेबाज कम थे. चौथे टी20 में वह खुद शीर्ष क्रम में अकेले दाएं हाथ के बल्लेबाज थे. इसी वजह से अंतिम मुकाबले में संजू सैमसन के साथ सूर्यांश शेडगे को भी टीम में शामिल किया गया. टीम प्रबंधन का मानना था कि इससे बल्लेबाजी क्रम में बेहतर संतुलन आएगा.


फैसले पर उठे सवाल

हालांकि इस फैसले को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस के बीच बहस जारी है. कई लोगों का कहना है कि अगर दाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत थी तो टीम यह बदलाव पहले भी कर सकती थी. वहीं, वैभव सूर्यवंशी को केवल तीन मैच खेलने के बाद बाहर करना भी कई लोगों को सही नहीं लगा. खास बात यह है कि वैभव को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया है. पूरी इंग्लैंड सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और लगातार टीम में हुए बदलाव भी चर्चा का विषय बने रहे. सीरीज में भारत को सभी चार मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा.