Sanju Samson: भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का टी20 करियर कुछ समय पहले तक उतार-चढ़ाव भरा रहा था. लेकिन मुख्य कोच गौतम गंभीर के एक अनोखे 'गुरुमंत्र' ने उनकी किस्मत को पूरी तरह बदल दिया. आज संजू न केवल भारत के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं बल्कि टी20 क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं.
2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद जब संजू सैमसन ने भारतीय टीम में वापसी की, तो शुरुआत उनके लिए आसान नहीं थी. श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में वह लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट हो गए. इन नाकामियों ने उन्हें पुराने दिनों की याद दिला दी, जब कुछ खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता था. संजू का मनोबल गिरने लगा था. लेकिन तभी गौतम गंभीर ने उनकी हिम्मत बढ़ाई.
रविचंद्रन अश्विन के पॉडकास्ट में संजू ने उस पल को याद किया जब गंभीर ने उन्हें हौसला दिया. संजू ने बताया, "मैं ड्रेसिंग रूम में उदास बैठा था. गौति भाई ने मुझसे पूछा, 'क्या हुआ?' मैंने कहा कि मुझे दो मौके मिले लेकिन मैं रन नहीं बना पाया." गंभीर ने हल्के अंदाज में जवाब दिया, "तो क्या हुआ? तुम्हें 21 बार डक (शून्य) पर आउट होने तक मैं तुम्हें टीम से नहीं हटाऊंगा." सैमसन ने कहा, "जब कोच और कप्तान ऐसा भरोसा दिखाते हैं, तो खिलाड़ी का आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है."
गंभीर के भरोसे ने संजू को खुलकर खेलने की आजादी दी. इसके बाद उन्होंने टी20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन शुरू किया. अब तक 42 टी20 इंटरनेशनल मैचों में संजू ने 152 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट के साथ 861 रन बनाए हैं. इसमें तीन शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं. उनका पहला टी20 शतक बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में आया, और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो और शतक लगाए.
गंभीर के अलावा सूर्यकुमार यादव ने भी संजू का हौसला बढ़ाया. दलीप ट्रॉफी के दौरान सूर्यकुमार ने संजू को सात मैचों तक ओपनिंग करने का भरोसा दिया. दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में संजू ने इस मौके का फायदा उठाया और लगातार दो शतक जड़कर सबको हैरान कर दिया.