नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सीनियर पुरुष और महिला क्रिकेटरों के वार्षिक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा कर दी है. यह कॉन्ट्रैक्ट अवधि 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी. इस बार बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में कई बड़े और अहम बदलाव देखने को मिले हैं, जिनका सीधा असर कुछ दिग्गज खिलाड़ियों पर पड़ा है.
बीसीसीआई ने पुरुष खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में ग्रेड ए प्लस को पूरी तरह खत्म कर दिया है. इसी फैसले के तहत विराट कोहली और रोहित शर्मा को ग्रेड ए प्लस से हटाकर ग्रेड बी में रखा गया है. बोर्ड का मानना है कि दोनों खिलाड़ी अब केवल एक ही फॉर्मेट यानी वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं. टेस्ट और टी20 से संन्यास लेने के बाद वे तीनों फॉर्मेट में सक्रिय नहीं हैं, इसलिए उन्हें शीर्ष ग्रेड में बनाए रखना संभव नहीं था.
⚡️ Meet the only new entrant to the BCCI Senior Men's contract list - Sai Sudharsan 👏#CricketTwitter #IndianCricketTeam pic.twitter.com/eEOO3rYklS
— Cricbuzz (@cricbuzz) February 9, 2026
दूसरी ओर टीम इंडिया के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को ग्रेड ए में शामिल किया गया है. ये तीनों खिलाड़ी अभी भी टीम के अहम सदस्य माने जाते हैं और लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में योगदान दे रहे हैं. ए प्लस ग्रेड हटने के बाद कुल 30 पुरुष खिलाड़ियों को बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट मिला है.
वहीं, BCCI के वार्षिक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में एकमात्र नए खिलाड़ी साई सुदर्शन को जगह मिली है, जबकि 5 खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया गया है. बाहर होने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में मोहम्मद शमी, सरफराज खान, मुकेश कुमार, रजत पाटीदार और ईशान किशन का नाम शामिल है.
सबसे ज्यादा चर्चा तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर हो रही है, जिन्हें इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया गया है. उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद कोई भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है. इसी कारण बीसीसीआई ने उन्हें इस सूची में शामिल नहीं किया.
अब नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में A कैटेगरी सबसे ऊंची मानी जाएगी. इस कैटेगरी में टीम इंडिया के मौजूदा टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को जगह दी गई है. बीसीसीआई का यह कदम भविष्य की टीम योजना और खिलाड़ियों के वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए लिया गया माना जा रहा है.