नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट जगत में अक्सर खिलाड़ियों के निजी जीवन को लेकर चर्चाएं गर्म रहती हैं. हालांकि, जब बात किसी स्टार खिलाड़ी की पत्नी के मुंह से निकलती है तो मामला और भी गंभीर हो जाता है.
गुजरात की नई शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरे देश को चौंका दिया है. उन्होंने भारतीय क्रिकेटरों पर विदेशी दौरों के दौरान गलत आदतों को अपनाने का आरोप लगाया है.
रिवाबा जडेजा, जो भारतीय टीम के प्रमुख ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा की जीवनसंगिनी हैं, हमेशा से अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती रही हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव में उनकी जीत ने उन्हें विधायक बनाया और अब वे राज्य सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में सक्रिय हैं.
उनके इस नए पद ने उन्हें और अधिक जिम्मेदारी दी है लेकिन उनका ताजा बयान सुर्खियों में छा गया है. रिवाबा का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता बनाए रखना कितना जरूरी है और उन्होंने इसे अपने पति के उदाहरण से जोड़कर समझाया.
हाल ही में एक सार्वजनिक आयोजन में रिवाबा स्टेज पर बोल रही थीं. वहां उन्होंने अपने पति रविंद्र जडेजा की सराहना करते हुए कहा कि जडेजा को लंदन, दुबई और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में मैच खेलने के लिए बार-बार जाना पड़ता है.
हालांकि, इसके बाद भी उन्होंने कभी बुरी आदतों का शिकार नहीं होने दिया. रिवाबा ने जोर देकर कहा, "मेरे पति को कोई रोकने वाला नहीं है. वे चाहें तो विदेशों में गलत रास्ते पर चल सकते हैं लेकिन वे ऐसा नहीं करते. वजह? वे अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझते हैं."
"मेरे पति (रवींद्र जडेजा , क्रिकेटर)को लंदन , दुबई, ऑस्ट्रेलिया जैसे अनेकों देशों में खेलने के लिए जाना होता है फिर भी आज दिन तक उन्होंने कभी व्यसन नहीं किया क्योंकि वो अपनी जवाबदारी को समझते हैं @Rivaba4BJP जी , शिक्षा मंत्री गुजरात सरकार #Rivabajadeja #ravindrajadeja pic.twitter.com/OyuiPFPvVa
— राणसिंह राजपुरोहित (@ransinghBJP) December 10, 2025
यह बयान सुनते ही सवाल उठने लगे. क्या रिवाबा का इशारा भारतीय टीम के अन्य सदस्यों की ओर था? उनके शब्दों से साफ लग रहा था कि कई खिलाड़ी विदेशी माहौल में व्यसनों की गिरफ्त में फंस जाते हैं.
यह आरोप क्रिकेट प्रेमियों के बीच बहस छेड़ रहा है क्योंकि जडेजा जैसे खिलाड़ी टीम के चेहरे हैं. रिवाबा का यह खुलासा न सिर्फ हैरान करने वाला है बल्कि यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या क्रिकेटरों को और सख्ती से निगरानी की जरूरत है.