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हवा में कलाबाजी और पैरों का कमाल, क्या है सेपक टकरा जिसमें भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल?

भारत ने थाईलैंड में किंग्स कप सेपक टकरा चैंपियनशिप के मेंस क्वाड्रेट इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
हवा में कलाबाजी और पैरों का कमाल, क्या है सेपक टकरा जिसमें भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल?
Courtesy: X

भारतीय सेपक टकरा टीम ने थाईलैंड में खेले गए किंग्स कप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पूरे देश को चौंका दिया. मेंस क्वाड्रेट के सेमीफाइनल में भारत ने पहला सेट जीता लेकिन मेजबान थाईलैंड ने वापसी करते हुए अगले दोनों सेट अपने नाम कर लिए. अब टीम की नजर Asian games 2026 पर है.

थाईलैंड ने पलटा मैच

भारत ने मेंस क्वाड्रेट के सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ शानदार शुरुआत की. भारतीय खिलाड़ियों ने पहले सेट में आक्रामक खेल दिखाया और 15-9 से जीत हासिल कर बढ़त बना ली. हालांकि, मेजबान टीम ने दूसरे सेट में अपनी रणनीति बदली और भारत पर लगातार दबाव बनाया. थाईलैंड ने दूसरा सेट भी 15-9 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया. तीसरे सेट में भी भारत को लय हासिल करने का मौका नहीं मिला और थाईलैंड ने 15-9 से सेट जीतकर फाइनल में जगह बना ली. भारत 15-9, 9-15, 9-15 से हार गया लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचने के कारण टीम को ब्रॉन्ज मेडल मिला. जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों के जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है.

क्या है सेपक टकरा?

सेपक टकरा भारत में अभी क्रिकेट या बैडमिंटन जितना फेमस नहीं है. दक्षिण-पूर्व एशिया में इस खेल की मजबूत पहचान है. थाईलैंड और मलेशिया को इस खेल की बड़ी ताकत माना जाता है. देखने में यह खेल वॉलीबॉल और फुटबॉल का मेल लगता है लेकिन इसमें हाथों का इस्तेमाल नहीं किया जाता. खिलाड़ी पैरों, घुटनों और सिर से गेंद को नेट के पार पहुंचाते हैं. हवा में उछलकर लगाए जाने वाले किक और तेज रफ्तार इस खेल को रोमांचक बनाते हैं. रेगु में तीन खिलाड़ी और क्वाड्रेट में चार खिलाड़ी एक टीम का हिस्सा होते हैं. किंग्स कप की शुरुआत 1985 में बैंकॉक में हुई थी और यह आज इस खेल के बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में गिना जाता है.

एशिया चैंपियन बनने के बाद भारत की एक और बड़ी कामयाबी

किंग्स कप का ब्रॉन्ज भारतीय सेपक टकरा के हालिया अच्छे प्रदर्शन की अगली कड़ी है. मार्च 2025 में पटना में आयोजित इंटरनेशनल सेपक टकरॉ फेडरेशन वर्ल्ड कप में भारत ने मेंस रेगु में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद मई 2026 में नागोया में आयोजित एशिया सेपक टकरा चैंपियनशिप में भारत ने मेंस क्वाड्रेट का खिताब अपने नाम किया. फाइनल में भारतीय टीम ने जापान को 15-10, 12-15, 15-12 से हराया था. ग्रुप चरण में मलेशिया और दक्षिण कोरिया को हराने के बाद भारत ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को सीधे सेटों में मात दी थी.