'ट्रॉफी के पीछे भागना बंद करो...', VIRAT KOHLI की एक फोन कॉल ने बदल दी PV SINDHU की जिंदगी

लंबे समय तक चोट और खराब फॉर्म से जूझने के बाद पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 का खिताब जीतकर शानदार वापसी की. सिंधु ने खुलासा किया कि विराट कोहली की एक खास सलाह ने उनके सोचने का तरीका बदल दिया.

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Ashutosh Rai

भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने Japan Open 2026 जीतकर अपने करियर में नई शुरुआत की है. इस बड़ी जीत के बाद उन्होंने बताया कि मुश्किल समय में विराट कोहली से हुई एक खास बातचीत ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया और खेल के प्रति उनका नजरिया पूरी तरह बदल दिया.

मुश्किल दौर में विराट बने सहारा

पीवी सिंधु के लिए पिछले दो साल आसान नहीं रहे. लगातार चोट, स्ट्रेस फ्रैक्चर और उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिलने से उनका आत्मविश्वास प्रभावित हुआ. पेरिस ओलंपिक में जल्दी बाहर होने के बाद उनके सामने कई सवाल खड़े हो गए थे. ऐसे समय में उन्होंने भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली से संपर्क किया. सिंधु ने बताया कि विराट ने तुरंत जवाब दिया और अगले ही दिन उनसे मुलाकात की. इस दौरान उनके पति वेंकटा दत्ता साई भी मौजूद थे. सिंधु के अनुसार, बातचीत ज्यादा लंबी नहीं थी लेकिन विराट की कुछ बातें उनके दिल में हमेशा के लिए बस गईं और उन्होंने उन्हें फिर से खुद पर भरोसा करना सिखाया.

खुशी को बनाया सबसे बड़ा लक्ष्य

सिंधु ने बताया कि विराट कोहली ने उन्हें ट्रॉफी के पीछे भागने के बजाय खेल का आनंद लेने की सलाह दी. यही सोच उनकी वापसी की सबसे बड़ी ताकत बनी. उन्होंने अपने खेल और फिटनेस पर नए तरीके से काम शुरू किया. कोच और सपोर्ट स्टाफ की मदद से उन्होंने अपनी फिटनेस बेहतर की, वजन कम किया और नेट गेम पर खास ध्यान दिया. सिंधु ने कहा कि अब उनका लक्ष्य सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि हर दिन खुद को बेहतर बनाना है. उन्होंने माना कि जब खिलाड़ी चोट से गुजरता है तो खुद पर शक होना स्वाभाविक है लेकिन लगातार मेहनत और सही सोच उन्हें फिर से आगे लेकर आई.


जापान ओपन जीतकर दिया बड़ा संदेश

जापान ओपन 2026 के फाइनल में पीवी सिंधु ने जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर खिताब अपने नाम किया. इसके साथ वह जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं. इस जीत ने न सिर्फ उनका आत्मविश्वास लौटाया बल्कि यह भी साबित कर दिया कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है. सिंधु ने कहा कि यह ट्रॉफी उनके लिए सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि मेहनत, धैर्य और विश्वास का इनाम है. अब उनकी नजर विश्व चैंपियनशिप और एशियन गेम्स पर है, जहां वह इसी लय को बरकरार रखते हुए भारत के लिए एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन करना चाहेंगी.