भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी को लेकर जारी विवाद अब राजनीति तक पहुंच गया है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे पर बीजेपी और आरएसएस की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारें चाहे जो बदलाव करें लेकिन भारत के मूल विचार और उसकी पहचान को नहीं बदल सकतीं.
संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सरकारें यूनिफॉर्म बदल सकती हैं और शिक्षा के जरिए इतिहास बदलने की कोशिश भी कर सकती हैं लेकिन देश की सोच और उसकी आत्मा को नहीं बदल सकतीं. उन्होंने कहा कि भारत की पहचान सत्य, अहिंसा, भाईचारे और एकता जैसे मूल्यों से बनी है. प्रियंका गांधी ने कहा कि युवाओं की आवाज ही देश की असली ताकत है और वही तय करती है कि लोग किस तरह के भारत को देखना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि देश के मूल विचार किसी रंग या प्रतीक से नहीं बदलते.
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में बीजेपी और आरएसएस पर भी सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई महात्मा गांधी के नेतृत्व में सत्य और अहिंसा के रास्ते पर लड़ी गई थी. उनका दावा था कि उस आंदोलन में आरएसएस की कोई भूमिका नहीं थी. उन्होंने कहा कि पूरा देश इस इतिहास को जानता है और समय के साथ लोग हर बात को समझ रहे हैं. प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि अगर कोई नफरत या बंटवारे की राजनीति करता है, तब भी भारत की एकता और भाईचारे की भावना को खत्म नहीं किया जा सकता. उनके अनुसार देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता और आपसी सम्मान है.
SHOCKING 🚨 Priyanka Vadra now opposes the Indian hockey team's saffron-themed uniform 🤯
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) July 30, 2026
She said "RSS has no role in India's freedom struggle" pic.twitter.com/fxwhuWaznQ
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम अगले महीने होने वाले एफआईएच वर्ल्ड कप में पहली बार पारंपरिक नीली जर्सी की जगह केसरिया जर्सी पहनेंगी. हॉकी इंडिया का कहना है कि नई जर्सी का डिजाइन भारत के गौरव, साहस, त्याग और जीत की भावना को दिखाता है. वहीं पूर्व भारतीय कप्तान विरेन रासकिन्हा ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय हॉकी की पहचान हमेशा नीली जर्सी रही है और इसे बदलने की जरूरत नहीं थी. हालांकि हॉकी इंडिया ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि केसरिया रंग तिरंगे का हिस्सा है और इसमें किसी तरह का राजनीतिक संदेश नहीं है.