भारत की स्टार एथलीट पारुल चौधरी ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 3000 मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में 9:08.67 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता. इस दौड़ में पारुल ने अपना पुराना नेशनल रिकॉर्ड भी बेहतर किया और एक खास उपलब्धि अपने नाम की.
3000 मीटर स्टीपलचेज में बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 9:04.36 के एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता. कजाकिस्तान की नोराह जेरुतो तानुई ने 9:06.82 के समय के साथ सिल्वर हासिल किया. पारुल ने 9:08.67 में दौड़ पूरी कर ब्रॉन्ज जीता. उनका यह समय 2025 में बनाए 9:12.46 के पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड से बेहतर है. वह इस इवेंट में 9:10 से कम समय निकालने वाली पहली भारतीय महिला बनीं.
मेरठ के पास इकलौता गांव से आने वाली पारुल ने बेहद साधारण हालात में दौड़ शुरू की थी. उन्होंने 2011 में स्कूल स्तर पर 800 मीटर में नंगे पैर दौड़कर शुरुआत की. इसके बाद 1500 और 3000 मीटर के साथ 5000 मीटर और स्टीपलचेज में अपनी पहचान बनाई. 2015 में उन्हें पश्चिम रेलवे में नौकरी मिली. खेल में शानदार प्रदर्शन के बाद 27 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें DSP बनाया और मुरादाबाद में जिम्मेदारी दी.
— nnis Sports|Asian GamesAthletics (@nnis_sports) September 27, 2026
पारुल पिछले कुछ वर्षों में भारत की प्रमुख लंबी दूरी की धावकों में रही हैं. हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में उन्होंने 5000 मीटर में गोल्ड और 3000 मीटर स्टीपलचेज में सिल्वर जीता था. अब 2026 में कांस्य के साथ उन्होंने इस इवेंट में अपना दूसरा एशियन गेम्स पदक हासिल किया. इस दौड़ में भारत की अंकिता ने भी 9:19.24 का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला और चौथे स्थान पर रहीं.