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Paris paralympics 2024: 10वें दिन भारत को इन 2 एथलीट्स ने दिलाए मेडल, 7वें गोल्ड के साथ मेडल की संख्या पहुंची 29

Paris Paralympics 2024: पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत ने कुल 84 एथलीट भेजे थे. इन गेम्स में इस बार देश ने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया है. कुल 29 पदक जीते हैं. 10वें दिन 2 मेडल आए है, जिसमें एक गोल्ड भी शामिल है.

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Paris paralympics 2024: 10वें दिन भारत को इन 2 एथलीट्स ने दिलाए मेडल, 7वें गोल्ड के साथ मेडल की संख्या पहुंची 29
Courtesy: Twitter

Paris paralympics 2024: पेरिस पैरालंपिक 2024 का आज आखिरी दिन है. इन गेम्स के 10वें दिन भारत के खाते में कुल 2 पदक आए है.  मेंस F41 कैटेगरी के जैवलिन थ्रो इवेंट में नवदीप ने गोल्ड जीता, जबकि विमेंस टी-12 कैटेगरी की 200 मीटर रेस में सिमरन ने ब्रॉन्ज पर कब्जा किया. 10वें दिन के साथ ही इन गेम्स में भारत का सफर पूरा हुआ. अब 8 सितंबर यानी आज की रात क्लोजिंग सेरेमनी होगी.

ईरानी एथलीट के डिसक्वालिफाई होने के बाद नवदीप को गोल्ड मिला

दरअसल, जैवलिन स्टार नवदीप ने मेंस F41 कैटेगरी के फाइनल में सिल्वर जीता था, लेकिन जब ईरानी एथलीट डिसक्वालिफाई हुआ तो उन्हें गोल्ड मिल गया. नवदीप ने अपने तीसरे अटेम्प्ट में 47.32 मीटर का बेस्ट थ्रो किया. यह पैरालंपिक रिकॉर्ड भी रहा, लेकिन फिर ईरान के सादगेह सायाह ने अपने 5वें अटेम्प्ट में 47.64 मीटर का बेस्ट थ्रो फेंक दिया. हालांकि ईरानी एथलीट के डिसक्वालिफाई होने पर नवदीप के खाते में गोल्ड आ गया.

क्यों डिसक्वालिफाई हुए ईरानी एथलीट?

जानकारी के अनुसार, ईरानी एथलीट सादगेह सायाह को आतंकी संगठन से जुड़ा फ्लैग दिखाने के चलते डिसक्वालीफाई किया गया है. वहीं इस कैटेगरी में चीन के पेंगजियांग सुन ने ब्रॉन्ज जीता था, जो बाद में सिल्वर में बदल गयी. F41 कैटेगरी में वो एथलीट्स आते हैं, जिनकी हाइट कम होती है.



सिमरन ने ब्रॉन्ज दिलाया

10वें दिन का दूसरा पदक धावक सिमरन ने दिलाया. उन्होंने विमेंस टी-12 कैटेगरी में 200 मीटर रेस में ब्रॉन्ज पर कब्जा किया. सिमरन 100 मीटर रेस में मेडल जीतने से चूक गई थीं, लेकिन 200 मीटर की रेस में 4 प्लेयर के फाइनल में उन्होंने 24.75 मीटर के टाइम के साथ रेस पूरी की. क्यूबा की एथलीट ने गोल्ड जबकि वेनेजुएला की एथलीट ने सिल्वर जीता और सिमरन को ब्रॉन्ज मिला. जिस  T12 कैटेगरी में सिमरन ने ब्रॉन्ज हासिल किया, उसमें वे एथलीट्स आते हैं, जिन्हें देखने में समस्या होती है. यही वजह है कि  ट्रैक इवेंट्स में उनके साथ एक गाइड भी दौड़ता है.