Paris Olympics 2024: इन दिनों फ्रांस की राजधानी पेरिस में ओलंपिक 2024 की धूम है. इन गेम्स में जहां एक से बढ़कर मैच हो रहे हैं तो वहीं कुछ विवाद भी सामने आए हैं. ताजा मामला भारतीय बॉक्सर निशांत देव का है, जिन्हें क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा. मैच के बाद सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर बवाल मचा हुआ है कि निशांत के साथ चीटिंग हुई है. फैंस इसे लेकर लगातार रिएक्टर कर रहे हैं. आखिर क्या है पूरा मामला, चलिए समझते हैं.
दरअसल, पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय बॉक्सर निशांत देव काफी उम्मीदों के साथ रिंग में उतरे थे, लेकिन 3 अगस्त को उनका मेडल जीतने का सपना टूट गया. निशांत देव की भिड़ंत मेन्स बॉक्सिंग के 71 किलो भारवर्ग में मेक्सिको के मार्को वेरडे से थी, जहां उन्हें 1-4 से हार का सामना करना पड़ा. अगर निशांत यह मैच जीत जाते तो उनका कम से कम ब्रॉन्ज मेडल जीतना पक्का हो जाता, हालांकि राउंडर में बढ़त हासिल करने के बाद भी उनकी हार हुई.
Left Right & Centre first time everybody is United because everybody knows that Nishant Dev has won that #Boxing match but Judges robbed the medal from him due to unfair umpiring. #cheating #OlympicGames pic.twitter.com/9cpxeNdEEV pic.twitter.com/sKp31Lfr2A
— Ganesh (@me_ganesh14) August 3, 2024Also Read
बढ़त बनाने के बाद मिली हार
पहला राउंड- मुकाबले में मेक्सिको के मार्को वेरडे के खिलाफ निशांत ने शुरुआती राउंड में आसानी से जीत हासिल की थी. पहले राउंड में 5 में से 4 जजों ने निशांत को बेहतर मानते हुए 10-10 अंक दिए थे.
दूसरा राउंड- दूसरे राउंड में भी निशांत पूरी तरह से कंट्रोल में रहे. उन्होंने मैक्सिकन खिलाड़ी पर कई बड़े जैब हुक लगाए, लेकिन जब जजों ने आश्चर्यजनक रूप से उस राउंड में वेरडे का पक्ष लिया. दूसरे राउंड में सिर्फ 2 जजों ने निशांत को 10-10 अंक जिए, जबकि तीन जजों ने वेरेड के पक्ष में फैसला दिया. इस देख सभी हैरान थे.
तीसरा राउंड-अब बारी थी तीसरे राउंड की, जिसमें निशांत देव मोमेंटम बरकरार नहीं रख सके. तीसरे राउंड में 5 जजों ने वेरेडे के पक्ष में फैसला सुनाया. तीसरा राउंड खत्म होने पर निशांत काफी कॉन्फिडेंट थे. उन्हें पूरा यकीन था कि वो मैच जीत चुके हैं, लेकिन जब फैसला आया तो वो हैरान थे, कमेंटेटर और फैंस भी चौंक गए, क्योंकि निशांत 1-4 से क्वार्टरफाइनल मुकाबला हार चुके थे.
विजेंदर सिंह भी हैं हैरान
भारत के लिए 2008 के ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीत चुके स्टार बॉक्सर विजेंदर सिंह भी इस मुकाबले में स्कोरिंग सिस्टम देखकर हैरान हो गए. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा मुझे नहीं पता कि स्कोरिंग सिस्टम क्या है, लेकिन मुझे लगता है यह बहुत करीबी मुकाबला था, उसे बहुत अच्छा खेला, कोई ना भाई'
I don’t know what’s the scoring system but I think very close fight..he play so well..koi na bhai #NishantDev
— Vijender Singh (@boxervijender) August 3, 2024
अभिनेता रणदीप हुड्डा ने क्या कहा?
अभिनेता रणदीप हुड्डा का मानना है कि निशांत के बाहर निकलने के बाद उनसे ओलंपिक पदक छीन लिया गया. रणदीप ने लिखा "निशांत ने इसे जीता था. यह क्या स्कोरिंग है? पदक छीन लिया, लेकिन दिल जीत लिया. दुखद!! अभी और बहुत कुछ करना बाकी है".
Nishant had won it .. कती सूत दिया था मेक्सिकन .. what’s this scoring ? Robbed of the medal but won hearts .. Sad!! Many more to go छोरे !! #NishantDev #OlympicGames #Paris2024 pic.twitter.com/idg6exkOq1
— Randeep Hooda (@RandeepHooda) August 3, 2024
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
सोशल मीडिया पर यही फैंस कर रहे हैं कि निशांत के साथ चीटिंग हुई है. एक यूजर ने लिखा '12 घंटे से ज़्यादा हो गए हैं और अभी भी समझ नहीं पा रहा कि वह कैसे हार गया. मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि वह किस दौर से गुज़र रहा होगा.'
🚨A MOMENT OF SHAME IN OLYMPICS!
— Roshan Rai (@RoshanKrRaii) August 3, 2024
Imagine a country and its fans desperate for every medal staying up late just to cheer on their athletes.
& then they are robbed of a medal in broad daylight by an absolute joke of a judgement.
Nishant Dev was the better boxer today, by a… pic.twitter.com/oHV0KvIs5u
एक अन्य यूजर ने लिखा 'कल्पना कीजिए कि एक देश और उसके प्रशंसक हर पदक के लिए बेताब हैं और अपने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए देर रात तक जागते रहते हैं, और फिर एक मजाकिया फैसले के जरिए दिनदहाड़े उनसे पदक छीन लिया जाता है. निशांत देव आज बेहतर मुक्केबाज थे, लेकिन यह उनके मुकाबले में भी कम नहीं था. आयोजकों और रेफरी को शर्म आनी चाहिए. हर भारतीय को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, इतना शोर मचाना चाहिए कि यह पेरिस तक सुनाई दे.'
निशांत देव कौन हैं और कहां से आते हैं?
निशांत देव भारतीय मुक्केबाज हैं, जिनका जन्म 23 दिसंबर 2000 को हरियाणा के करनाल में हुआ था. चाचा से प्रभावित होकर निशांत ने साल 2012 में मुक्केबाजी शुरू की, जो एक पेशेवर मुक्केबाज थे. निशांत के कोच सुरेंदर चौहान हैं, जिन्होंने करनाल के कर्ण स्टेडियम में निशांत को ट्रेनिंग दी. इसके बाद निशांत कर्नाटक के विजयनगर शिफ्ट हो गए थे, जहां उन्होंने इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (ISS) में ट्रेनिंग की और आज ओलंपिक में उतरे.