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विनेश फोगाट को मिलेगा सिल्वर मेडल? CAS में सुनवाई पूरी, आने वाला है फैसला

विनेश फोगाट ने दलील में कहा कि उन्होंने कोई धोखाधड़ी नहीं की है. उनका वजन बढ़ना शरीर की नेचुरली रिकवरी प्रक्रिया के कारण था. उन्होंन कहा कि जब मैं सेमीफाइल खेल रही थी तब मेरा वजन 50 KG से नीचे था. फाइनल से पहले मैंने अपने शरीर की रिकवरी की, जिसके कारण वजन बढ़ा. 

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India Daily Live

भारत की स्टार रेससर विनेश फोगाट पर फैसला कभी भी आ सकता है. विनेश फोगाट के फाइनल से डिस्क्वालिफिकेशन मामले में कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्टस (CAS) में सुनवाई पूरी हो चुकी है.  पेरिस ओलंपिक का समापन 11 अगस्त को होना है. कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्टस में फोगाट के मामले की तीन घंटों तक सुनवाई हुई. इसमें विनेश की ओर से फ्रेंच लीगल टीम ने केस पेश किया, जबकि भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से जाने-माने सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने केस पेश किया. अब इस मामले में कभी भी फैसला आ सकता है. 

विनेश फोगाट ने दलील में कहा कि उन्होंने कोई धोखाधड़ी नहीं की है. उनका वजन बढ़ना शरीर की नेचुरली रिकवरी प्रक्रिया के कारण था. उन्होंन कहा कि जब मैं सेमीफाइल खेल रही थी तब मेरा वजन 50 से नीचे था. फाइनल से पहले मैंने अपने शरीर की रिकवरी की, जिसके कारण वजन बढ़ा. 

100 ग्राम के चलते हुईं अयोग्य

पेरिस ओलंपिक में वेनिश फोगाट ने इतिहास रच दिया. मेहिला 50 किलोग्राम वेट कैटगरी में सभी पहलवानों को पछाड़ते हुए फाइनल में जगह बनाई. फाइनल की सुबह जब उनता वजन किया गया तो वो मात्र 100 ग्राम अधिक थी, जिसके कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया. इस फैसले से विनेश फोगाट टूट गई और रेसलिंग से संन्यास की घोषणा कर दी. 

क्या है CAS?

सोल आर्बिट्रेटर ने संकेत दिया कि आदेश का परिचालन हिस्सा जल्द ही अपेक्षित है, जिसके बाद विस्तृत आदेश और कारण सामने रखे जाएंगे. कोर्ट ऑफ अर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट यानी CAS दुनिया भर में खेलों के लिए बनाई गई एक स्वतंत्र ऑर्गनाइजेशन है. इसका काम खेल से जुड़े कानूनी विवादों पर सुवाई करना उसे निपटाना है. इसकी स्थापना साल 1984 में हुई थी. इसका मुख्यालय स्विटजरलैंड के लॉजेन में स्थित है. इसके कोर्ट न्यूयॉर्क और सिडनी में भी हैं. CAS का एक अस्थाई कोर्ट पेरिस ओलंपिक में भी बनाया गया है.