NZ vs AFG Test: अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच ग्रेटर नोएडा में होने वाला इकलौता टेस्ट अब रद्द होने की कगार पर है. शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर में होने वाले इस मुकाबले में अब तक टॉस भी नहीं हुआ है. खेल के चौथे दिन एक भी गेंद नहीं डाली गई, लिहाजा अंपायरों ने डे को स्टंप करने का फैसला किया है. अब शुक्रवार सुबह एक बार फिर मैदान का निरीक्षण होगा, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा.
पिछले 2 दिनों से जारी बारिश के चलते मैदान खस्ताहाल में है. इसलिए यह मैच अब रद्द हो सकता है. पिछले 4 दिनों से ग्राउंड्स मैन मैदान को सुखाने की तमाम कोशिशें कर चुके हैं, लेकिन वो असफल रहे. ताजा जो तस्वीरे सामने आई हैं, उनमें साफ दिख रहा है कि नोएडा में बारिश के कारण मैदान के कई हिस्से गीले हैं. पानी भरा हुआ है. इसलिए चौथे दिन का खेल भी रद्द करने का फैसला लेना पड़ा.
🚨 ONE TEST AFG VS NZ 🚨
— Khanzada Cricket (@khanzadacricket) September 12, 2024
_ Day 1 called of without a single ball
_ day 2 called of without a single ball
_ day 3 called of without a single ball
_ day 4 called of without a single ball.
Maybe now Afghanistan will also know that BCCI is a fraud. Shame on BCCI.🇦🇫💔🇮🇳#AFGvNZ pic.twitter.com/j90AYfYCZA
माना जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के चलते आने वाले दिनों में मैदान को सुखाना काफी मुश्किल है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि 13 सितंबर यानी कल भी मैच नहीं होगा. इंताजम पर्याप्त नहीं होने के चलते अफगानिस्तान बोर्ड के अधिकारी भी परेशान नजर आए. एक अधिकारी ने तो ये तक कह दिया था कि यहां गड़बड़ी हो गई है. हम यहां वापस कभी नहीं आएंगे. हमारे खिलाड़ी भी सुविधाओं से खुश नहीं हैं.'
Day 1 - Called Off due to wet outfield without a single ball.
Day 2 - Called Off due to wet outfield without a single ball.
Day 3 - Called Off due to rain without a single ball.
AFG vs NZ One-off Test 2024 turning out to be completely abandoned. #CricketTwitter #AFGvsNZ… pic.twitter.com/k0wFEHU212— CRIC INSAAN 🇮🇳 (@CRICINSAAN) September 11, 2024Also Read
पंखों से सुखाया गया था मैदान
बारिश के बीच बतइंतजामी की हदें पार नजर आईं. इस मुकाबले का टॉस भी नहीं हुआ है. मंगलवार को नोएडा स्टेडियम में बदइंतजामी देखने को मिली थी. आउटफील्ड को सुखाने के लिए इलेक्ट्रिक पंखों का यूज किया गया था, लेकिन सफलता नहीं मिली.