Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक में सोमवार का दिन भारत के लिहाज से निराशा भरा रहा. एक तरफ जहां भारतीय पहलवान निशा दहिया पेरिस ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंचते-पहुंचते रह गईं. वहीं भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन भी मेंस सिंगल्स मलेशिया के ली जी जिया से 13-21, 21-16 और 21-11 से हार गए और इसी के साथ सेन का ब्रॉन्ज मेडल जीतने का सपना अधूरा रह गया.
निशा दहिया का सामना 68 किलो भारवर्ग में उत्तर कोरिया की सोल गुम पाक से हुआ. निशा ने तीन मिनट तक 8-1 से बढ़त बना ली थी, लेकिन उसके बाद उत्तर कोरियाई पहलवान ने शानदार वापसी करते हुए निशा को मैट से बाहर कर दिया और एक अंक अर्जित किया जिससे उनका स्कोर 8-2 हो गया. मुकाबला खत्म होने से 33 सेकंड पहले ही निशा चोटिल हो गईं और मैच रोक दिया गया. चोटिल निशा के हाथ में बैंड पहनाया गया. बैंड पहनना निशा के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ.
चोट ने छीन लिया पदक
निशा को लगी चोट का उत्तर कोरियाई पहलवान ने फायदा उठाया और 11 सेंकड के भीतर चार अंक हासिल कर लिए और स्कोर 8-8 से बराबर हो गया. जब मैच खत्म होने में 12 सेकंड बचे थे तभी निशा की चोट में असहनीय दर्द होने लगा जिसके बाद मैच को फिर से रोक दिया गया. हालांकि कोच ने निशा से कहा कि वो अभी भी मैच जीत सकती हैं. अगर मैच 8-8 पर ही रुक जाता तो निशा सेमीफाइनल में पहुंच जातीं, लेकिन आखिरी 12 सेकंड में उत्तर कोरियाई पहलवान ने दो अंक हासिल कर मैच 10-8 से अपने नाम कर लिया.
Sport can be cruel at times!!!💔
— Cricketmanu (@Manojy9812) August 5, 2024
- from 8-1 with just 60 seconds to go
To 8-2 with 33 seconda remaining
To 8-10 at the finish!!!!
Strong comeback Champ Nisha Dahiya!!!👌♥️#wrestling #Paris2024 #Olympics #OlympicGames pic.twitter.com/lA3X7JuoFh
फूट फूटकर रोने लगीं निशा
जीत के इतने करीब आकर मिली हार बहुत दर्द देती है. निशा के साथ भी वही हुआ, हार के बाद निशा फूट-फूटकर रोने लगीं.
निशा के पास अभी कांस्य जीतने का मौका
निशा के लिए अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है. अगर पाक सोल गुम फाइनल में जगह बनाने में कामयाब होती हैं तो निशा रेपेचेज खेलकर कांस्य पदक जीत सकती हैं.
दमदार शुरुआत के बाद भी हारे लक्ष्य
निशा की तरह ही लक्ष्य सेन ने भी शानदार तरीके से अपने मैच की शुरुआत की थी. उन्होंने पहला गेम 21-13 से जीता लेकिन उसके बाद मलेशिया के ली जी जिया ने दूसरे और तीसरे गेम में शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की. बता दें कि भारत को पिछले 12 साल से ओलंपिक में बैडमिंटन में कोई पदक नहीं मिला है. इ इससे पहले पीवी सिधु और साइना नेहवाल ने लगातार तीन ओलिंपिक गेम्स में मेडल दिलाए थे. सिंधु ने टोक्यो 2020 में ब्रॉन्ज, 2016 में सिल्वर और साइना ने 2012 में ब्रॉन्ज जीते थे.