नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर्स की भूमिका हमेशा अहम रही है खासकर वनडे और टी20 जैसे फॉर्मेट में. हाल के दिनों में रवींद्र जडेजा की वनडे टीम में जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं. उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी और सीमित प्रभाव ने चयन को लेकर बहस तेज कर दी है. इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने एक बड़ा बयान देते हुए अक्षर पटेल को जडेजा से बेहतर विकल्प बताया है.
रवींद्र जडेजा लंबे समय से भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं लेकिन वनडे क्रिकेट में उनका हालिया प्रदर्शन खास प्रभावी नहीं रहा. बल्लेबाजी में वह बड़े स्कोर करने में नाकाम रहे हैं और गेंदबाजी में भी विकेट निकालने की उनकी क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं. घरेलू वनडे में उनका आखिरी अर्धशतक कई साल पहले आया था, जो यह दिखाता है कि इस फॉर्मेट में उनका योगदान सीमित रहा है.
मोहम्मद कैफ ने अपने विश्लेषण में साफ कहा कि मौजूदा समय में सफेद गेंद के क्रिकेट में अक्षर पटेल जडेजा से आगे हैं. उनके मुताबिक अक्षर की बल्लेबाजी ज्यादा आक्रामक है और उनका स्ट्राइक रेट भी बेहतर है. वह जरूरत पड़ने पर छक्के लगाने की क्षमता रखते हैं, जो सीमित ओवरों के क्रिकेट में बहुत जरूरी है.
गेंदबाजी में भी अक्षर पटेल को कैफ ने ज्यादा उपयोगी बताया. अक्षर नई गेंद से गेंदबाजी कर सकते हैं और पावरप्ले में विकेट निकालने की काबिलियत रखते हैं, जबकि जडेजा आमतौर पर पावरप्ले के बाद गेंदबाजी करते हैं.
कैफ ने यह भी सवाल उठाया कि न्यूजीलैंड जैसी टीम के खिलाफ, जो स्पिन के सामने कमजोर मानी जाती है, अक्षर पटेल को टीम में क्यों नहीं शामिल किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि टीम में पहले से ही कई तेज गेंदबाज मौजूद हैं, ऐसे में एक अतिरिक्त स्पिन ऑलराउंडर टीम को ज्यादा संतुलन दे सकता था.
उन्होंने नितीश कुमार रेड्डी के चयन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अक्षर पटेल को मौका मिलता, तो टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों मजबूत होतीं.
मोहम्मद कैफ का मानना है कि जडेजा और अक्षर दोनों को एक साथ खिलाया जा सकता है. दोनों बाएं हाथ के स्पिनर जरूर हैं लेकिन उनकी गेंदबाजी की शैली अलग-अलग है. इससे बल्लेबाजों पर दबाव बनता और टीम को ज्यादा विकल्प मिलते. अक्षर की नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता और जडेजा की मिडिल ओवर्स में कसी हुई गेंदबाजी, दोनों मिलकर विपक्षी टीम को रोक सकती थीं.