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7 टेस्ट में 41 विकेट और लगातार 6 शतक... फिर बने मैच रेफरी, हरभजन पर लगाया था बैन; जानिए आखिर कौन थे माइक प्रॉक्टर?

दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज ऑलराउंडर माइक प्रॉक्टर का जन्म 15 सितंबर 1946 को हुआ था. सिर्फ 7 टेस्ट खेलने के बावजूद उन्होंने गेंद और बल्ले से कई यादगार उपलब्धियां हासिल कीं.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
7 टेस्ट में 41 विकेट और लगातार 6 शतक... फिर बने मैच रेफरी, हरभजन पर लगाया था बैन; जानिए आखिर कौन थे माइक प्रॉक्टर?
Courtesy: Pinterest

क्रिकेट की दुनिया में कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जिनका अंतरराष्ट्रीय सफर छोटा जरूर रहा, लेकिन उनका असर लंबे समय तक कायम रहा. माइक प्रॉक्टर भी उन्हीं खिलाड़ियों में से एक रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका के इस ऑलराउंडर ने केवल 7 टेस्ट खेले, मगर अपनी तेज गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी से अलग पहचान बनाई. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1969 70 की सीरीज में उनका प्रदर्शन खास तौर पर याद किया जाता है. प्रॉक्टर ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जो उन्हें महान खिलाड़ियों की कतार में खड़ा करते हैं.

7 टेस्ट में ही बन गए दिग्गज

दक्षिण अफ्रीका पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के कारण प्रॉक्टर का टेस्ट करियर आगे नहीं बढ़ सका. उन्होंने सात मुकाबलों में 226 रन बनाए और 41 विकेट झटके. उनका गेंदबाजी औसत 15.02 रहा और एक पारी में 6/73 उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. वह तेज रफ्तार गेंदबाजी करते थे और 'रॉन्ग फुट' से गेंद डालना उनकी खास पहचान थी.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मचाया तहलका

1969-70 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट की सीरीज में प्रॉक्टर ने गेंद से कहर बरपाया. उन्होंने केवल 13.57 के औसत से 26 विकेट अपने नाम किए. दक्षिण अफ्रीका ने यह सीरीज 4-0 से जीतकर ऑस्ट्रेलिया का सफाया किया था. इस ऐतिहासिक सफलता में प्रॉक्टर की भूमिका बेहद अहम रही. बल्ले से भी उनका खेल मजबूत था और 1970 71 में लगातार छह फर्स्ट क्लास पारियों में शतक लगाकर उन्होंने खास रिकॉर्ड बनाया.

हैट्रिक के मामले में भी खास रिकॉर्ड

काउंटी क्रिकेट में प्रॉक्टर का जलवा लंबे समय तक कायम रहा. उन्होंने काउंटी चैम्पियनशिप में तीन हैट्रिक लीं. 1977 में हैम्पशायर के खिलाफ बेन्सन और हेजेज कप सेमीफाइनल में भी उन्होंने हैट्रिक पूरी की. ग्लूस्टरशायर ने वह मुकाबला जीता और बाद में खिताब भी हासिल किया. इस तरह प्रॉक्टर ने अलग अलग स्तरों पर अपनी गेंदबाजी की क्षमता साबित की.

बाद में बने ICC मैच रेफरी

संन्यास के बाद प्रॉक्टर क्रिकेट प्रशासन और मैच रेफरी की भूमिका में भी सक्रिय रहे. 2006 के ओवल टेस्ट के बॉल टैम्परिंग मामले और 2007 08 सिडनी टेस्ट में हरभजन सिंह प्रकरण के दौरान वह मैच रेफरी थे. उन्होंने एंड्रयू साइमंड्स के साथ हुए विवाद के बाद भज्जी पर 3 मैचों का बैन लगाया था. 

हालांकि बाद में काफी अपील के बाद उन पर से ये बैन हटा दिया गया था और उन पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था. बाद में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के कन्वीनर ऑफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी भी संभाली. 17 फरवरी 2024 को डरबन में 77 साल की उम्र में उनका निधन हुआ.