श्रेयस अय्यर की कप्तानी में आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम को T20 क्रिकेट में निराशाजनक नतीजों का सामना करना पड़ा. इन सीरीज में भारत का स्पिन विभाग काफी कमजोर दिखाई दिया, जिसने चयनकर्ताओं की चिंता बढ़ाई है. टीम की इस कमी को ध्यान में रखते हुए सेलेक्टर्स अब किसी ऐसे खिलाड़ी को टीम में जगह देना चाहेंगे जोकि बल्ले और गेंद दोनों से ही टीम के लिए किफायती साबित हो सके और इस रेस में हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या के भाई क्रुणाल पांड्या का नाम सबसे आगे चल रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, चयनकर्ता 35 वर्षीय खिलाड़ी के विकल्प पर विचार कर रहे हैं. क्रुणाल ने जुलाई 2021 में श्रीलंका के खिलाफ आखिरी टी20 इंटरनेशनल खेला था. इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और IPL में लगातार प्रदर्शन किया है.
कुछ विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, चयनकर्ताओं के बीच क्रुणाल पंड्या के नाम पर चर्चा तेज हो गई है. भारत के लिए 19 टी20 इंटरनेशनल खेल चुके क्रुणाल के खाते में 15 विकेट और 124 रन हैं. लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के बावजूद उनका अनुभव उन्हें टीम में सेलेक्शन के लिए मजबूत विकल्प टीम बनाता है. चयनकर्ता मौजूदा फॉर्म के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय अनुभव को भी ध्यान में रखते हुए ये फैसला ले सकते हैं.
दरअसल आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ पिछले 6 T20 इंटरनेशनल मैचों में अक्षर पटेल केवल चार विकेट ले सके हैं. हालांकि, दोनों देशों की परिस्थितियां स्पिनरों के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं थीं. इसलिए सिर्फ आंकड़ों के आधार पर अक्षर के प्रदर्शन को कमजोर कहना सही नहीं होगा. फिर भी बड़े मुकाबलों से पहले टीम मैनेजमेंट स्पिन विभाग में विकल्प बढ़ाना चाहता है. क्रुणाल की चर्चा इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है.
क्रुणाल पंड्या ने IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए अच्छा प्रदर्शन किया. उन्होंने पूरे सीजन में 226 रन बनाने के साथ 14 विकेट भी हासिल किए. बल्लेबाजी में उनका स्ट्राइक रेट 145.81 रहा. गेंद से भी उन्होंने किफायती प्रदर्शन किया. बीच के ओवरों में रन रोकने और अहम साझेदारियां तोड़ने की उनकी क्षमता टी20 टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है.
क्रुणाल के नाम की चर्चा का मतलब यह नहीं है कि अक्षर पटेल को टीम से बाहर करने का फैसला हो गया है. अक्षर अब भी अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के कारण टीम के अहम खिलाड़ी हैं. वहीं क्रुणाल की वापसी से भारत को परिस्थितियों के अनुसार टीम कॉम्बिनेशन बदलने का विकल्प मिल सकता है. चयनकर्ताओं के सामने अब अनुभव और मौजूदा फॉर्म के बीच सही संतुलन बनाने की चुनौती होगी.