इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड के आने वाले सीजन के लिए हुई खिलाड़ियों की नीलामी ने एक नए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विवाद को जन्म दे दिया है. सन टीवी नेटवर्क के मालिकाना हक वाली सनराइजर्स फ़्रैंचाइजी ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को साइन कर लिया. इसके बाद पूरे भारत में भारी बवाल मचा हुआ है. देश के मौजूदा मिजाज का हवाला देते हुए भारतीय फैंस सोशल मीडिया पर अपना तीखा गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. इस गुस्से के बीच BCCI ने भी अपना रूख साफ-साफ रख दिया है. उन्होंने इस मैटर से अपना पल्ला झाड़ लिया. अक्टूबर 2025 में 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट की चार टीमों में भारतीय मालिकों के निवेश के बाद से यह अटकलें थीं कि वे पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूरी बनाएंगे, लेकिन इस नीलामी ने इन अफवाहों को खत्म कर दिया है.
इस भारी विरोध के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्पष्ट किया है कि यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है. BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बात को साफ करते हुए कहा, "इसका IPL से कोई लेना-देना नहीं है. यह एक विदेशी लीग है. यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है. हम कुछ नहीं कर सकते. उन्हें ही इस पर फैसला लेना होगा".
गुरुवार को हुई इस नीलामी में, T20 इंटरनेशनल में दुनिया के तीसरे नंबर के गेंदबाज अबरार अहमद को फ्रैंचाइजी ने £190,000 (लगभग 255,000 अमेरिकी डॉलर) की बड़ी कीमत देकर खरीदा है. सनराइजर्स के मुख्य कोच डेनियल विटोरी और टीम की मालकिन काव्या मारन ने ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ते हुए यह सफल बोली लगाई. विटोरी ने सफाई देते हुए बताया कि वे इंग्लैंड के स्पिनर आदिल राशिद को खरीदना चाहते थे, लेकिन उनके हाथ से निकलने के बाद टीम ने अबरार को निशाना बनाया.
इस फैसले के बाद से काव्या मारन को ऑनलाइन लगातार निशाना बनाया जा रहा है. विवाद इतना गहरा गया है कि आलोचनाओं के बीच सनराइजर्स लीड्स के आधिकारिक 'X' (ट्विटर) अकाउंट को कथित तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है. बढ़ती आलोचना के बावजूद, फ्रैंचाइजी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
यह पहली बार नहीं है जब किसी IPL से जुड़ी फ्रैंचाइजी को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ा हो. इसी साल की शुरुआत में, कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिज़ुर रहमान को अपनी टीम में शामिल करने पर कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी, जो कि बांग्लादेश में हिंदुओं के ख़िलाफ हुई हिंसा की खबरों के बाद शुरू हुई थी. उस समय, BCCI ने दखल देते हुए KKR को खिलाड़ी को रिलीज़ करने का निर्देश दिया था.