'नजरअंदाज नहीं कर सकता....' सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे जो रूट? मीडिया के सामने तोड़ी चुप्पी
टेस्ट क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण अक्सर जो रूट से यह सवाल पूछा जाता है कि क्या वह सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के टेस्ट रन रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे या नहीं.
नई दिल्ली: टेस्ट क्रिकेट के मैदान पर जब भी निरंतरता, धैर्य और क्लास की बात होती है, तो जो रूट का नाम सबसे आगे नजर आता है. क्योंकि इंग्लैंड के इस दिग्गज बल्लेबाज ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से न सिर्फ देश के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने का रिकॉर्ड कायम किया है, बल्कि अब वह दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में भी गिने जाते हैं. लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण अक्सर उनसे यह सवाल पूछा जाता है कि क्या वह सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के टेस्ट रन रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे या नहीं.
लंबे समय तक इस सवाल से बचते रहे रूट ने अब खुलकर इस पर अपनी सोच जाहिर की है. हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में रूट ने स्वीकार किया कि उनसे यह सवाल इतनी बार पूछा जा चुका है कि अब इसे नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया है. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि सचिन की उपलब्धियों तक पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी चुनौती है. रूट ने माना कि तेंदुलकर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं.
सचिन की महानता से प्रभावित हैं रूट
रूट ने बातचीत के दौरान सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि सचिन ने क्रिकेट में जो मुकाम हासिल किया, वह असाधारण है. रूट के मुताबिक, तेंदुलकर का लंबा करियर अपने आप में प्रेरणादायक है.
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सचिन ने उनके जन्म से पहले टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था और रूट के शुरुआती करियर तक खेलते रहे. यही बात उनके करियर की महानता को दर्शाती है.
वनडे और टेस्ट दोनों में सचिन का दबदबा
रूट ने माना कि सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही नहीं, बल्कि वनडे क्रिकेट में भी सचिन का दबदबा अविश्वसनीय रहा है. उन्होंने खास तौर पर सचिन के 50 वनडे शतकों का जिक्र करते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक दुनिया की निगाहों के बीच लगातार प्रदर्शन करना बेहद कठिन होता है. रूट के अनुसार, भारत में सचिन सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का हिस्सा थे.
खुद को लगातार बेहतर बनाने में जुटे रूट
इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज ने यह भी बताया कि वह हमेशा अपने खेल को और बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं. उनका मानना है कि तकनीकी रूप से मजबूत रहना ही बड़े मुकाबलों में सफलता की कुंजी है. रूट ने कहा कि मैदान पर उतरने के बाद वह केवल खेल पर ध्यान देना चाहते हैं, ताकि किसी तकनीकी चिंता के बजाय परिस्थिति के हिसाब से बेहतर फैसले ले सकें.