जब-जब चोटिल हुए जसप्रीत बुमराह, तब-तब मुश्किल में पड़ी टीम इंडिया! देखें पूरी लिस्ट

जसप्रीत बुमराह की लगातार चोटों ने कई बड़े टूर्नामेंट में टीम इंडिया की योजनाओं को प्रभावित किया है. श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद एक बार फिर उनकी फिटनेस और उपलब्धता चर्चा का विषय बन गई है.

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Meenu Singh

भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अपनी घातक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं. हालांकि पिछले कुछ सालों में चोटों ने उनके करियर पर बार-बार असर डाला है. श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से घुटने की चोट के कारण बाहर होने के बाद एक बार फिर उनकी फिटनेस पर सवाल उठने लगे हैं.

इससे पहले भी कई बड़े टूर्नामेंट ऐसे रहे जिनमें भारत को बुमराह की इंजरी के कारण उनकी गैरमौजूदगी में उतरना पड़ा था. जिसका असर टीम के प्रदर्शन और रणनीति पर पड़ा  है. तो आज हम ऐसे ही 5 बड़े इवेंट्स बताने वाले हैं जिसमें चोटिल होने के कारण बुमराह हिस्सा नहीं ले पाए थे.

T20 विश्व कप 2022 में बड़ा झटका

T20 विश्व कप 2022 से ठीक पहले यॉर्कर किंग बुमराह कमर की चोट का शिकार हुए थे. उनकी अनुपस्थिति से भारतीय तेज गेंदबाजी कमजोर नजर आई. पूरे टूर्नामेंट में टीम को अनुभवी गेंदबाज की कमी महसूस हुई और भारत उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका. 


विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2023

इसके बाद बुमराह साल 2023 में WTC फाइनल का भी हिस्सा नहीं थे. चोट के कारण वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस अहम मुकाबले से बाहर हो गए थे. भारतीय गेंदबाजी आक्रमण उनकी कमी पूरी नहीं कर सका और टीम को 209 रन से हार का सामना करना पड़ा.

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से भी रहे दूर

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के दौरान लगी चोट के कारण बुमराह चैंपियंस ट्रॉफी 2025 नहीं खेल सके थे. हालांकि भारत ने खिताब अपने नाम किया, लेकिन टीम को पूरे अभियान में अपने प्रमुख तेज गेंदबाज की कमी महसूस हुई. उनकी जगह हर्षित राणा ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया.

IPL 2023 और MI की चुनौती

चोट के चलते बुमराह IPL 2023 में भी हिस्सा नहीं ले सके थे. मुंबई इंडियंस को अपने सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज के बिना पूरा सीजन खेलना पड़ा. इसके बावजूद टीम ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ में जगह बनाई और तीसरे स्थान पर सीजन समाप्त किया.

एशिया कप 2022 भी हुआ था मिस

कमर की चोट के कारण बुमराह एशिया कप 2022 में भी नहीं खेल पाए. उनकी गैरमौजूदगी में भारतीय गेंदबाजी अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी और टीम फाइनल तक पहुंचने में असफल रही. लगातार चोटों के कारण अब टीम प्रबंधन उनके कार्यभार और फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों में उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.