नई दिल्ली: आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक रही चेन्नई सुपर किंग्स इस सीजन संघर्षों से जूझ रही है. टीम की समस्या केवल मैदान तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह सीएसके की रणनीति और निवेश में भी देखने को मिल रहा है. टीम की रणनीति अब सवालों के घेरे में है. क्योंकि फ्रेंचाइजी ने जिन खिलाड़ियों को तुरुप का इक्का समझकर उनपर करोड़ों फेकें वह प्रदर्शन करने में नाकाम हो रहे हैं.
वहीं जिन खिलाड़ियों को टीम में बहुत ही कम मूल्य में खरीदा था और शायद उनसे टीम को कुछ खासा उम्मीद भी नहीं थी वही खिलाड़ी सीएसके की थोड़ी बहुत लाज बचा रहे हैं. इसमें सबसे बड़ा योगदान सरफराज खान है. जिन्हें फ्रेंचाइजी ने केवल 75 लाख रूपये में खरीदा था और अब वह अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं.
आईपीएल में अक्सर माना जाता है कि महंगे खिलाड़ी ही टीम की सफलता तय करते हैं, लेकिन 2026 सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स सरफराज ने उस धारणा को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है. सरफराज खान को पहले बैकअप खिलाड़ी माना जा रहा था, लेकिन जब सीएसके में सारे बल्लेबाज फ्लॉप हो रहे थे तब सरफराज टीम की उम्मीद बनकर उभरे हैं.
उन्होंने मध्यक्रम में आकर टीम को मजबूती दी है. खासकर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी ने उन्हें टीम का अहम हिस्सा बना दिया है. उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि टी20 क्रिकेट में भी उनकी उपयोगिता कम नहीं है. सरफराज तीन मैचोंं में 99 रन के साथ टीम के सबसे सफल बल्लेबाज बनकर उभरे हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 200 से ज्यादा रहा है, जो उनकी आक्रामकता और आत्मविश्वास को दर्शाता है.
दूसरी ओर, कार्तिक शर्मा, जिन्हें फ्रेंचाइजी ने 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, अब तक तीन मैचों में उनके बल्ले से केवल 25 रन ही आए हैं. उनका खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बन गया है और चयन रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं.
प्रशांत वीर को भी 14.20 करोड़ रुपये में टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उनका उपयोग अब तक पूरी तरह नहीं हो पाया है. उनके बल्ले से कुछ रन जरूर आए हैं, लेकिन गेंदबाजी में योगदान नहीं दे पाने के कारण उनका रोल अभी भी अधूरा नजर आ रहा है.
इन आंकड़ों ने सीएसके की नीलामी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बड़े बजट का बड़ा हिस्सा ऐसे खिलाड़ियों पर खर्च हुआ है, जो अभी तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं. इससे टीम के संतुलन और विकल्पों पर असर पड़ा है.