एमएस धोनी ने जब अपना पहला आईपीएल खिताब जीता उसके दो साल बाद वैभव सूर्यवंशी का जन्म बिहार के समस्तीपुर में हुआ. जब धोनी बड़े हो रहे थे, तब रांची और समस्तीपुर एक ही राज्य बिहार में आते थे. एमएस धोनी को आदर्श मानने के लिए किसी को एक ही राज्य से होने की ज़रूरत नहीं है. लाखों भारतीय क्रिकेटरों की तरह सूर्यवंशी भी धोनी की कहानियां देखते और सुनते हुए बड़े हुए. धोनी को सूर्यवंशी के लिए पिता समान कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी.
मंगलवार को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स बनाम राजस्थान रॉयल्स मैच के बाद जब 14 वर्षीय इस खिलाड़ी ने एमएस धोनी के पैर छुए, तो यह बात फिर से साबित हो गई. कुछ साल पहले, यह यशवी जायसवाल थे, जिन्होंने अब भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है और आरआर में सूर्यवंशी के सीनियर साथी हैं. मंगलवार को यह सूर्यवंशी थे.
𝙈𝙤𝙢𝙚𝙣𝙩𝙨 𝙩𝙤 𝙘𝙝𝙚𝙧𝙞𝙨𝙝 😊
— IndianPremierLeague (@IPL) May 20, 2025
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आरआर ने अपने निराशाजनक सीजन का अंत शानदार तरीके से किया, जिसमें उन्होंने सीएसके को छह विकेट से आसानी से हराया, आरआर के खिलाड़ी सीएसके के अपने साथियों से हाथ मिलाने के लिए लाइन में खड़े हो गए. जब सूर्यवंशी की बारी धोनी से हाथ मिलाने की आई, तो उन्होंने झुककर एक हाथ से सीएसके कप्तान के पैर छुए, जबकि धोनी ने चेहरे पर शर्मीली मुस्कान के साथ दूसरे हाथ को थाम रखा था.
सीएसके बनाम आरआर मैच के बाद सूर्यवंशी द्वारा धोनी के पैर छूने की तस्वीरें और वीडियो जंगल में आग की तरह वायरल हो गईं. वैभव सूर्यवंशी ने रन चेज में 57 रनों की परिपक्व पारी खेली. रॉयल्स के लिए इस सत्र की खोज बने 14 वर्षीय सूर्यवंशी ने एक बार फिर 33 गेंदों पर निडरता का प्रदर्शन किया और उनकी टीम ने 188 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया.