नई दिल्ली : भारतीय फुटबॉल में महीनों से चली आ रही अनिश्चितता आखिरकार समाप्त हो गई. केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को घोषणा की कि इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का 2025-26 सीजन 14 फरवरी से शुरू होगा. इस सीजन में सभी 14 क्लब हिस्सा लेंगे, जिसमें मोहन बागान और ईस्ट बंगाल जैसे प्रमुख क्लब भी शामिल हैं. साथ ही, आई-लीग भी लगभग इसी समय शुरू होगी, जिसमें 11 क्लब भाग लेंगे.
यह फैसला भारतीय खेल प्राधिकरण मुख्यालय में सरकार, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और सभी आईएसएल क्लबों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया. खेल मंत्री मांडविया ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वाणिज्यिक साझेदार न मिलने और अदालती विवादों के कारण लीग स्थगित हो गई थी, लेकिन अब इस संकट पर पूर्ण विराम लग गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी क्लबों की सहमति से लीग का आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा.
एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने बैठक के बाद विस्तार से जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि आईएसएल में 14 टीमों के बीच कुल 91 मैच खेले जाएंगे, जो होम एंड अवे फॉर्मेट में एक चरण में आयोजित होंगे. मैचों के स्थानों का फैसला क्लब एआईएफएफ के साथ मिलकर करेंगे. वहीं, आई-लीग में 11 टीमों के बीच 55 मैच होंगे और यह भी आईएसएल के साथ ही शुरू होगी.
लीग के संचालन को सुचारू बनाने के लिए एक संचालन परिषद बोर्ड का गठन किया जाएगा, जो सभी निर्णय लेने में सक्षम होगा. वित्तीय व्यवस्था के तहत आईएसएल के लिए 25 करोड़ रुपये का केंद्रीय फंड बनाया गया है, जिसमें एआईएफएफ का बड़ा योगदान होगा. चौबे ने कहा कि वाणिज्यिक साझेदार मिलने तक एआईएफएफ आईएसएल के लिए 14 करोड़ रुपये और आई-लीग के लिए लगभग 3.2 करोड़ रुपये प्रदान करेगा.
यह घोषणा भारतीय फुटबॉल के लिए राहत की सांस लेकर आई है, क्योंकि लीग की अनुपस्थिति में खिलाड़ी और क्लब दोनों प्रभावित हो रहे थे. कई स्टार खिलाड़ियों ने हाल ही में फीफा से हस्तक्षेप की अपील की थी. अब फैंस वैलेंटाइन डे पर फुटबॉल के रोमांच का इंतजार कर सकते हैं. इस फैसले से न केवल घरेलू फुटबॉल को गति मिलेगी, बल्कि भारतीय टीम की तैयारी पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा. आने वाले दिनों में शेड्यूल और अन्य विवरणों की घोषणा होने की उम्मीद है.