Vinesh Phogat: भारत की पहलवान विनेश फोगाट के सिल्वर मेडल मामले पर अपना फैसला कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स ने 11 अगस्त तक के लिए टॉल दिया है. विनेश और पूरे देश को फैसले के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. 100 ग्राम अधिक वजन के चलते उन्हें फाइनल मुकाबले से पहले अयोग्य घोषित कर दिया गया था. अब इस मामलें भारत में विनेश के लीगल काउंसलर ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर ये बताया है कि विनेश के अयोग्य ठहराए जाने के बाद भारत में क्या हुआ.
भारत में फोगट का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा ने दावा किया है कि भारत सरकार ने तभी कार्रवाई की जब फ्रांस में प्रो-बोनो वकीलों ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स के समक्ष फोगट का प्रतिनिधित्व किया था.
राहुल मेहरा ने कहा कि उन्होंने भारत और पेरिस में पुख्ता सूत्रों से जानकारी जुटाई और पाया कि अगर विनेश फोगट ने केवल भारत सरकार पर भरोसा किया होता तो उन्हें कोर्ट के सामने अपना मामला पेश करने का अवसर भी न मिलता.
After speaking with extremely reliable sources in India and in Paris, the following seems to have happened once @Phogat_Vinesh was weighed-in and subsequently disqualified at the Paris Olympic.
— Rahul Mehra (@TheRahulMehra) August 10, 2024
Sequence leading up to filing of the CAS appeal and who actually filed it👇
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मेहरा ने एक्स पोस्ट में लिखा- "विनेश फोगाट मामले में भारत सरकार ने 8 अगस्त की शाम तक कोई कार्रवाई नहीं की, यानी फोगट को फाइनल से अयोग्य घोषित किए जाने के पूरे दो दिन तक न भारत की ओर से कई कदम नहीं उठाया गया. अगले दिन, यानी गुरुवार को, जब इस घटना ने पूरे भारत में व्यापक ध्यान आकर्षित किया और भारत सरकार के साथ-साथ IOA ने भी कोई कार्रवाई नहीं की, तो पेरिस में वकीलों ने भारतीय ओलंपिक महासंघ को सलाह दी कि वे मामले में एक इच्छुक पक्ष के रूप में एक एमिकस ब्रीफ दाखिल कर सकते हैं."
उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स में जो सामने आया है उससे पता चलता है कि इस केस में हरीश साल्वे को IOA ने गुरुवार देर रात शामिल किया.
बुधवार को जब विनेश को अयोग्य घोषित किया गया तो पेरिस बार के प्रो-बोनो पैनल वकीलों ने निर्धारित समय अवधि के भीतर अपील दायर की. शुरू में अपील में अंतिम मुकाबले को रोकने की मांग की गई थी. हालांकि, एक बार फाइनल होने के बाद इस अपील को बदलकर सिल्वर साझा सिल्वर मेडल देने की मांग की गई.
वकील राहुल मेहरा ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा- "गुरुवार को जब विनेश फोगाट के पक्ष में अमेरिका समेत विश्व के बड़े-बड़े एथलीट्स पोस्ट करने लगे तो इसके बाद पेरिस के वकीलों ने सलाह दी कि आईओए मामले में एक इच्छुक पक्ष होने के नाते एक एमिकस ब्रीफ दायर कर सकता है."
राहुल मेहरा ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि अगर पेरिस के वकीलों ने गुरुवार को विनेश फोगाट की ओर से समय पर अपील न दायर की होती तो गुरुवार को भारत सरकार या फिर भारतीय ओलंपिक महासंघ के लिए कुछ भी कर पाना असंभव था. और विनेश फोगाट को कोर्ट जाने तक का मौका न मिलता.