IPL 2026

इस ऑलराउंडर ने भारतीय क्रिकेट से लिया संन्यास... वर्ल्ड कप में '3D' बनकर छाया था नाम

भारतीय ऑलराउंडर विजय शंकर ने क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने भावुक पोस्ट में अपने 25 साल लंबे सफर को याद किया.

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Ashutosh Rai

भारतीय ऑलराउंडर विजय शंकर जिन्हें प्यार से '3D शंकर' भी कहते हैं. 2019 ICC मेन्स ODI विश्व कप के दौरान उनको इस नाम से MSK प्रसाद ने नवाजा था. उनका कहना था कि शंकर बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में परफेक्ट हैं. आज सबके दिलों पर राज करने वाले शंकर ने टीम इंडिया और क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कह दिया. 35 साल के इस खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट किया. इस पोस्ट में उन्होंने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और भारतीय टीम में बिताए 25 सालों का ये सफर साझा किया.

25 साल के सफर को कहा अलविदा

विजय शंकर ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं था. उनके लिए यह जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा रहा है. बचपन में बल्ला और गेंद के साथ शुरू हुआ उनका सफर अब एक नए मोड़ पर आकर रुक गया है. उन्होंने बताया कि 10 साल की उम्र से क्रिकेट खेलते हुए उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे. घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले विजय शंकर ने टीम इंडिया तक पहुंचने का सपना पूरा किया. उन्होंने कहा कि देश की जर्सी पहनना उनके जीवन के सबसे गर्व भरे पलों में से एक रहेगा.

वर्ल्ड कप और आईपीएल की यादें रहेंगी खास

विजय शंकर 2019 वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे. उस टूर्नामेंट में उन्हें ‘थ्री-डायमेंशनल प्लेयर’ के रूप में काफी चर्चा मिली थी. उन्होंने अपने पोस्ट में नागपुर में खेले गए भारत के 500वें वनडे मैच और वर्ल्ड कप में पहली गेंद पर विकेट लेने के पल को बेहद खास बताया. आईपीएल में भी विजय शंकर कई बड़ी टीमों का हिस्सा रहे. गुजरात टाइटन्स, सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने कई अहम पारियां खेलीं. उन्होंने अपने पूरे करियर में 78 आईपीएल मुकाबले खेले और 1233 रन बनाए.

आलोचनाओं और ट्रोलिंग पर छलका दर्द

अपने लंबे पोस्ट में विजय शंकर ने यह भी माना कि क्रिकेट करियर के दौरान उन्हें काफी ट्रोलिंग और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. उन्होंने लिखा कि कई बार सोशल मीडिया पर नफरत और निगेटिविटी इतनी ज्यादा थी कि हालात मुश्किल लगने लगे थे. हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी और खुद को मजबूत बनाए रखा. विजय ने कहा कि उन्होंने हमेशा पॉजिटिव सोच के साथ आगे बढ़ना चुना.