पति-पत्नी के शव फंदे से बच्चों के शव बिस्तर पड़े मिले, छत्तीसगढ़ में पूरा परिवार खत्म; सुसाइड नोट बरामद
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया. पति-पत्नी के शव फंदे पर लटके मिले जबकि दोनों बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे. पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है.
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित आर्य नगर में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक घर के भीतर एक ही परिवार के चार लोगों के शव मिलने की खबर सामने आई. पड़ोसियों ने जब काफी देर तक घर से कोई हलचल नहीं देखी तो पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने घर का दरवाजा खुलवाया तो अंदर का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया. पति और पत्नी के शव अलग-अलग कमरों में फांसी के फंदे पर लटके थे जबकि उनके दो मासूम बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े मिले. शुरुआती जांच में मामला घरेलू तनाव और आत्महत्या से जुड़ा माना जा रहा है.
घर के अंदर मिला दर्दनाक मंजर
मृतकों की पहचान गोविंद साहू, उनकी पत्नी चंचल साहू, बेटी दृष्टि और बेटे यशांत के रूप में हुई है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों बच्चों की उम्र काफी कम थी और उनके शव बिस्तर पर एक साथ पड़े मिले. बच्चों के शरीर पर किसी संघर्ष के साफ निशान नहीं मिले लेकिन गले के पास कुछ संदिग्ध निशान जरूर दिखाई दिए हैं. इसी वजह से पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से जांच रही है. शुरुआती आशंका है कि बच्चों को पहले कोई जहरीला पदार्थ दिया गया और उसके बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाई. हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी.
सुसाइड नोट से खुली कहानी
घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. माना जा रहा है कि यह नोट चंचल साहू ने लिखा था. इसमें घरेलू विवाद, मानसिक तनाव और परिवार के भीतर लंबे समय से चल रही परेशानियों का जिक्र किया गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था और आर्थिक तंगी ने हालात को और बिगाड़ दिया था. दोनों ने प्रेम विवाह किया था और पिछले कुछ समय से रिश्तों में तनाव बढ़ गया था. पुलिस अब इस नोट की लिखावट और उसमें लिखी बातों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम को सही तरीके से समझा जा सके.
पड़ोसियों को नहीं था अंदेशा
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार बाहर से सामान्य दिखाई देता था. बच्चे अक्सर मोहल्ले में खेलते नजर आते थे और किसी को भी इस तरह की घटना की आशंका नहीं थी. पड़ोसियों ने बताया कि परिवार ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था लेकिन कभी किसी बड़े झगड़े की आवाज भी सुनाई नहीं दी. घटना के बाद इलाके में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग अब भी यही सोच रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने पूरे परिवार को खत्म कर दिया. कई रिश्तेदार भी मौके पर पहुंचे और घर का माहौल देखकर रो पड़े.
हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
दुर्ग पुलिस और फोरेंसिक टीम ने पूरे घर को सील कर जांच शुरू कर दी है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है. पुलिस घरेलू विवाद, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव समेत सभी पहलुओं को जोड़कर देख रही है. घर से कई अहम साक्ष्य भी जुटाए गए हैं. पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और लोग अब भी इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाए हैं.