नई दिल्ली: पाकिस्तान और भारत के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज टी20 विश्व कप मुकाबले को लेकर अब भी सस्पेंस बना हुआ है. हालांकि लगातार हो रही बैठकों और विचार के बाद मामला निर्णायक मोड़ तक पहुंच सकता है. पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की धमकी के बीच लाहौर में हुई एक अहम बैठक ने क्रिकेट गलियारों में हलचल तेज कर दी है.
रविवार को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम और आईसीसी के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा के साथ बंद कमरे में बातचीत की. इस मुलाकात की तस्वीरें खुद पीसीबी ने जारी की हैं. यह मुलाकात खास तौर पर 15 फरवरी को कोलंबो में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है.
इस बैठक में आईसीसी उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा का होना काफी प्रभावशाली माना जा रहा है. उनकी मौजूदगी से संकेत मिलता है कि आईसीसी इस मामले को जल्द सुलझाने के मूड में है. वहीं अमीनुल इस्लाम की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पाकिस्तान का रुख बांग्लादेश के समर्थन से जुड़ा हुआ है.
दरअसल यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने विश्व कप मैच खेलने से इनकार कर दिया था. इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का फैसला किया, जिससे पीसीबी और आईसीसी के बीच तनाव बढ़ गया. पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के चक्कर में अपने और भारत के मैच का बॉयकॉट कर दिया.
सूत्रों की मानें तो आईसीसी ने पाकिस्तान से इस मैच का बहिष्कार करने का स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही आईसीसी ने पाकिस्तान से यह भी पूछा कि वह 'फोर्स मेज्योर' क्लॉज का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत के खिलाफ न खेलने का फैसला बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लिया गया था. हालांकि, पीसीबी का अंतिम निर्णय पूरी तरह पाकिस्तान सरकार की मंजूरी पर निर्भर करता है.
आईसीसी टूर्नामेंट का सबसे हाई वोल्टेज ड्रामा मैच 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाना है. बता दें भारत और पाकिस्तान को नामीबिया, नीदरलैंड्स और अमेरिका के साथ ग्रुप ए में रखा गया है.