लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर भारतीय मिश्रित दिव्यांग क्रिकेट टीम ने शानदार जीत के साथ सात मैचों की श्रृंखला का समापन किया. सातवें T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 118 रन से शिकस्त दी. बल्लेबाजी में अर्जुन गावरे और कप्तान माजिद मगरे ने तेज पारियां खेलकर बड़ा स्कोर खड़ा किया. इसके बाद गेंदबाजों ने इंग्लैंड की पारी को 88 रन पर समेट दिया. जीत के बाद खिलाड़ियों ने 2002 के यादगार जश्न की झलक भी दिखाई.
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 206 रन बनाए. अर्जुन गावरे ने 44 गेंदों में 68 रन की उपयोगी पारी खेली. कप्तान माजिद मगरे ने इससे भी तेज अंदाज दिखाया और केवल 19 गेंदों पर नाबाद 63 रन ठोक दिए. दोनों की पारियों ने भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. इसके बाद इंग्लैंड के सामने 207 रन का लक्ष्य रखा गया, जिसे हासिल करना मेजबान टीम के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी. हिलाल अहमद वानी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट चटकाए और 21 रन दिए. जयेश परमार ने भी तीन विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. पूरी टीम 88 रन पर ऑल आउट हो गई. भारत ने इस तरह 118 रन के बड़े अंतर से मुकाबला अपने नाम किया और श्रृंखला का सुखद अंत किया.
जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों और अधिकारियों ने लॉर्ड्स की बालकनी में पहुंचकर खास अंदाज में जश्न मनाया. उन्होंने अपने ब्लेजर उतारकर तिरंगा लहराया. यह दृश्य 2002 के नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल के बाद सौरव गांगुली के ऐतिहासिक जश्न की याद दिला रहा था. भारतीय दिव्यांग क्रिकेट परिषद ने इस जश्न का वीडियो साझा किया. इस जीत ने खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए लॉर्ड्स पर एक यादगार पल बना दिया.
INDIA'S MIXED DISABILITY TEAM CELEBRATING AFTER DEFEATING ENGLAND AT LORD'S BALCONY. 🇮🇳🔥 (Abhishek Tripathi). pic.twitter.com/CYB87kLOLA
— Tanuj (@ImTanujSingh) August 20, 2026
भारत ने अंतिम मुकाबला जीतकर श्रृंखला का स्कोर 4-3 किया, लेकिन सात मैचों की पूरी श्रृंखला इंग्लैंड के नाम रही. मिश्रित दिव्यांग क्रिकेट में शारीरिक, श्रवण और सीखने से जुड़ी अलग-अलग दिव्यांगताओं वाले खिलाड़ी एक साथ खेलते हैं. इस प्रारूप की खासियत यही है कि अलग-अलग क्षमताओं वाले क्रिकेटर एक टीम का हिस्सा बनकर प्रतिस्पर्धा करते हैं. भारत की अंतिम मैच की जीत ने टीम के जज्बे को जरूर मजबूत किया.