मुंबई: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 राउंड में वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच मुकाबला खेला गया. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को हरा दिया.
वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 107 रन के बड़े अंतर से हराया. इस मैच में कैरेबियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर बनाया. जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 17.4 ओवर में 147 रन पर सिमट गई.
इस हार के साथ ही टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे की जीत का सिलसिला भी टूट गया और उसे पहली पराजय का सामना करना पड़ा. 254 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने 20 रन के भीतर ही तीन प्रमुख विकेट गंवा दिए. तादिवानाशे मारुमानी 14 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ब्रायन बेनेट 5 रन ही बना सके. इसके बाद रायन बर्ल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए. शुरुआती झटकों से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी दबाव में आ गई.
मध्यक्रम में डियोन मायर्स ने कुछ संघर्ष दिखाते हुए 28 रन बनाए, लेकिन वह भी लंबी पारी खेलने में कामयाब नहीं हो सके. इसके बाद टोनी मुनयोंगा और कप्तान सिकंदर रजा ने पांचवें विकेट के लिए 42 रन की साझेदारी कर पारी संभालने की कोशिश की. हालांकि, 94 के कुल स्कोर पर पांचवां विकेट गिरते ही जिम्बाब्वे की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई.
जिम्बाब्वे की ओर से सबसे ज्यादा रन ब्रैड इवांस ने बनाए. उन्होंने 21 गेंदों में 43 रन की आक्रामक पारी खेली, जिसमें कई दमदार शॉट शामिल रहे. इसके अलावा सिकंदर रजा ने 27 रन का योगदान दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाज प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे और टीम निर्धारित ओवर से पहले ही ऑलआउट हो गई.
वेस्टइंडीज की ओर से गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला. स्पिनर गुडाकेश मोती ने सबसे ज्यादा 4 विकेट हासिल किए और जिम्बाब्वे के मध्यक्रम को तोड़ दिया. वहीं, बाएं हाथ के स्पिनर अकील हुसैन ने 3 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी पर दबाव बनाए रखा.
इस बड़ी जीत के साथ वेस्टइंडीज ने टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली है. बल्लेबाजी में विशाल स्कोर और गेंदबाजी में प्रभावी प्रदर्शन ने टीम को संतुलित और खतरनाक साबित किया है. दूसरी ओर जिम्बाब्वे को इस हार से बड़ा झटका लगा है, क्योंकि टूर्नामेंट में उसकी जीत की लय यहीं टूट गई. यह मुकाबला वेस्टइंडीज के हर विभाग में श्रेष्ठ प्रदर्शन का उदाहरण रहा, जिसने उसे सुपर-8 चरण में सबसे मजबूत टीमों में शामिल कर दिया है.