Happy Birthday Ravi Shastri: खिलाड़ी से लेकर सफल कोच और कमेंटेटर बनने तक का सफर... तोड़ा था 'गाबा' का घमंड
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में रवि शास्त्री (Ravi Shastri) का नाम हमेशा खास रहा है. 27 मई 1962 को मुंबई में जन्मे रवि शास्त्री आज अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं.
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में रवि शास्त्री (Ravi Shastri) का नाम हमेशा खास रहा है. 27 मई 1962 को मुंबई में जन्मे रवि शास्त्री आज अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं. उन्होंने क्रिकेटर, कोच और कमेंटेटर के रूप में भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दी. अपने आत्मविश्वास, बेहतरीन सोच और साफ बोलने के अंदाज के कारण वह करोड़ों क्रिकेट फैंस के बीच बेहद लोकप्रिय रहे हैं.
जीता था 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' का खिताब
रवि शास्त्री ने भारतीय टीम के लिए साल 1981 में डेब्यू किया था. शुरुआत में वह एक स्पिन गेंदबाज के रूप में टीम में आए थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने बल्लेबाजी में भी अपनी खास पहचान बनाई. वह ऐसे खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने टीम की जरूरत के हिसाब से हर भूमिका निभाई. वह न केवल गेंदबाजी में बल्कि बल्लेबाजी में भी अहम भूमिका निभाते थे.
साल 1985 में ऑस्ट्रेलिया में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था. पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाने के लिए उन्हें 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' का खिताब मिला था. उस समय मिली ऑडी कार आज भी उनके करियर की यादगार उपलब्धियों में गिनी जाती है.बता दें रवि शास्त्री ने महज 30 साल की उम्र में ही क्रिकेट से संन्यास ले लिया था.
कोच और कमेंटेटर के रूप में बनाई नई पहचान
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रवि शास्त्री ने कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा. उनकी दमदार आवाज और मैच को आसान भाषा में समझाने की शैली लोगों को खूब पसंद आई. इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी भी संभाली.
उनके कोच रहते हुए भारत ने ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीद जीत में हासिल की. जब साल 2021 में गाबा का घमंड टूटा था तब रवि शास्त्री ही भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच थे. विदेशी जमीन पर टीम इंडिया का आत्मविश्वास बढ़ाने में उनका बड़ा योगदान माना जाता है. खिलाड़ियों के साथ उनका दोस्ताना व्यवहार भी काफी चर्चा में रहा.
कुछ ऐसा रहा क्रिकेट करियर
अब अगर रवि शास्त्री के इंटरनेशनल क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने अपने करियर में कुल 80 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 35.79 की औसत से 3830 रन बनाए हैं. वहीं वनडे में उन्होंने 150 मुकाबले खेले हैं. जिनमें 29.04 की औसत से 3108 रन बनाए.
बता दें उन्होंने अपने करियर में कुल 15 शतक और 30 अर्धशतक जड़े हैं. अब अगर उनकी गेंदबाजी की बात की जाए तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 151 विकेट और वनडे में 129 विकेट अपने नाम किए हैं.
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