'परेड नहीं, घर पर मनाएं जश्न...' ट्रॉफी के बाद भी नहीं निकलेगी विजय परेड, RCB की फैंस से अपील
पिछले साल की घटना को याद करते हुए आरसीबी मैनेजमेंट ने अपने फैंस को स्पष्ट संदेश दिए हैं. उन्होंने फैंस को अपने घर पर ही रहकर जश्न मनाने की अपील की है.
नई दिल्ली: कहते हैं न लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती. ये कहावत आरसीबी के धुरंधरनों में सही करके दिखाई है. 18 सालों तक बिना ट्रॉफी के रहने के बाद भी टीम ने अपनी कोशिश और मेहनत में कोई कमी नहीं आने दी. उसका ही परिणाम है कि टीम लगातार दो सालों से बैक टू बैक ट्रॉफी जीत रही है. जीत के बाद फैंस एक बार फिर से पिछले साल की तरह ही उत्साहित हैं.
लेकिन पिछले साल की घटना को याद करते हुए आरसीबी मैनेजमेंट ने अपने फैंस को स्पष्ट संदेश दिए हैं. उन्होंने फैंस को अपने घर पर ही रहकर जश्न मनाने की अपील की है. बेंगलुरु की एक और खिताब जीत के बाद भावनाएं उमड़ पड़ीं, आंसू बहने लगे और जश्न का माहौल छा गया. खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों ने ट्रॉफी के साथ जश्न मनाया और प्रशंसकों को उनके अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
घर पर जश्न मनाने का किया आग्रह
इस शानदार जीत के बाद अब फ्रेंचाइजी ने प्रशंसकों को सतर्कता के साथ सेलिब्रेशन की सलाह दी है. उन्होंने फैंस से अपने घरों में आराम से जीत का जश्न मनाने का आग्रह किया गया है. RCB ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के पोस्ट में लिखा.
इस संदेश से साफ पता चलता है कि फ्रेंचाइजी विजय परेड आयोजित करने की योजना नहीं बना रही है. क्योंकि टीम ने पिछले साल ऐसा किया था लेकिन वह परेड एक दुर्घटना में बदल गई थी. पिछले साल RCB IPL 2025 जीतने के एक दिन बाद एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में परेड आयोजित किया गया था जिसमें भगदड़ हो गई थी, उसमें 11 लोगों की जान चली गई थी. मैनेजमेंट इस साल वैसी किसी दुर्घटना को दोहराना नहीं चाहेगी.
RCB जीत के बाद आंध्र प्रदेश में मची अफरा-तफरी
इसी बीच, कर्नाटक के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में जश्न के दौरान कोलाहल मच गया. इस दौरान तोड़फोड़ और सार्वजनिक अव्यवस्था की घटनाएं हुईं. दरअसल मैच जीतने के बाद सैंकड़ों फैंस RCB का बैनर और झंडा लेकर सड़कों पर उतरे. जिससे सड़कों पर भीड़ इकट्ठा हो गई यातायात रूक गया.
इसके बाद हालात तब और बिगड़ गए जब कुछ लोगों ने सड़क किनारे खड़ी एक निजी बस को रोककर उस पर पत्थर फेंके और उसकी खिड़कियां तोड़ दीं, जिससे बस को काफी नुकसान पहुंचा. अचानक भड़की इस हिंसा के कारण बस में बैठे यात्री दहशत में आ गए.