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पंजाब CM भगवंत मान ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, कहा- 'शो की कमाई सेना को भेजी थी...'

मुख्यमंत्री ने सैनिकों की तारीफ करते हुए कहा- 'चाहे माइनस तापमान हो या तेज गर्मी, हमारे जवान सीमाओं पर डटे रहते हैं. उनकी बदौलत हम अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं. हमें उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए.'

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चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कारगिल विजय दिवस पर चंडीगढ़ वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने वॉर मेमोरियल में शहीदों की याद में पुष्पांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा. इस मौके पर सेना के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे.

कारगिल युद्ध 26 जुलाई 1999 को विजय के साथ समाप्त हुआ था. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर याद दिलाया कि मई से 26 जुलाई 1999 तक चले इस युद्ध में 527 से ज्यादा भारतीय जवान शहीद हुए थे, जिनमें पंजाब के 65 बहादुर सैनिक शामिल थे.

'शहीद पूरे देश के होते हैं...'

भगवंत मान ने कहा- 'जो राष्ट्र अपने शहीदों को याद रखता है, वह हमेशा आगे बढ़ता है. शहीद किसी एक परिवार के नहीं होते, बल्कि पूरे देश के होते हैं.' उन्होंने बताया कि हर साल वे यहां आकर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं.


सीएम ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक होते हुए कहा- 'जब कारगिल युद्ध चल रहा था, तब मैं पटियाला में रहता था. उस समय बतौर कलाकार मैंने शो किए और उससे जो कमाई हुई, वह पूरी की पूरी सेना को भेज दी थी.' उन्होंने कहा कि शहीदों की वजह से ही आज हम सुरक्षित महसूस करते हैं.'

'उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए'

मुख्यमंत्री ने सैनिकों की तारीफ करते हुए कहा- 'चाहे माइनस तापमान हो या तेज गर्मी, हमारे जवान सीमाओं पर डटे रहते हैं. उनकी बदौलत हम अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं. हमें उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए.'

कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है. इस दिन हम उन वीर सैनिकों को याद करते हैं जिन्होंने दुश्मन को करारा जवाब देते हुए अपनी जान की आहुति दी. पंजाब हमेशा से बहादुर सैनिकों की भूमि रहा है और इस बार भी पंजाब के 65 जवानों के बलिदान को याद किया गया.