Indians at CWG 2026: ग्लासगो में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद, इतिहास रचने को फिर तैयार 'Golden Boy' नीरज चोपड़ा

नीरज चोपड़ा ने अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान दी है. ओलंपिक गोल्ड, वर्ल्ड चैंपियनशिप और कई बड़े खिताब जीतकर उन्होंने देश का नाम दुनिया में रोशन किया और अब Commonwealth Games 2026 में इतिहास रचने को तैयार हैं.

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Ashutosh Rai

भारतीय जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा आज दुनिया के सबसे सफल एथलीटों में गिने जाते हैं. जूनियर स्तर से लेकर ओलंपिक और विश्व चैंपियन बनने तक उनका सफर लगातार मेहनत और शानदार प्रदर्शन की मिसाल रहा है. उनकी उपलब्धियों ने भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाई दी है.

नीरज चोपड़ा ने साल 2016 में विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में 86.48 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता. इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व अंडर-20 रिकॉर्ड बनाया, जो आज भी कायम है. इसके बाद उनका करियर लगातार आगे बढ़ता गया. साल 2021 में टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने इतिहास रचते हुए जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल जीता. इसके साथ वह एथलेटिक्स में ओलंपिक गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने. यह उपलब्धि उनके करियर की सबसे बड़ी जीत मानी जाती है और इसी ने उन्हें दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया.

टोक्यो ओलंपिक के बाद भी नीरज का शानदार प्रदर्शन जारी रहा. साल 2023 में उन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल जीतकर एक और इतिहास बनाया. वह जैवलिन थ्रो में विश्व चैंपियन बनने वाले पहले एशियाई खिलाड़ी बने. इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, एशियन चैंपियनशिप और डायमंड लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किए. पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की. वह भारत के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए, जिन्होंने एक से ज्यादा व्यक्तिगत ओलंपिक मेडल जीते हैं.


नीरज चोपड़ा ने सिर्फ खेल में ही नहीं, बल्कि भारतीय सेना में भी अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने 2016 में नायब सूबेदार के रूप में सेना में शामिल होकर अपनी सेवा शुरू की. शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें समय-समय पर प्रमोशन मिला और 2025 में उन्हें टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद दिया गया. उन्हें अर्जुन पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और पद्म श्री जैसे बड़े सम्मान भी मिल चुके हैं. इसके अलावा सेना ने उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मानित किया है. नीरज आज करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं.