दुनिया भर में खेलों को निष्पक्ष रखने के लिए डोपिंग के खिलाफ सख्त नियम बनाए गए हैं. वहीं अब अमेरिका में एक ऐसा आयोजन होने जा रहा है जिसने खेल जगत को चौंका दिया है. लास वेगास में रविवार को होने वाले एनहांस्ड गेम्स में एथलीटों को प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाओं के इस्तेमाल की खुली अनुमति दी गई है. भारी इनामी राशि, बड़े निवेशकों का समर्थन और अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं की नाराजगी ने इस इवेंट को वैश्विक चर्चा का विषय बना दिया है.
एनहांस्ड गेम्स को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि इसमें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी बिना किसी रोक-टोक के स्टेरॉयड और अन्य परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली दवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे. आयोजकों का कहना है कि उनका मकसद खेलों को अधिक आधुनिक बनाना है. इस प्रतियोगिता में तैराकी, ट्रैक एंड फील्ड और वेटलिफ्टिंग जैसे इवेंट शामिल किए गए हैं. करीब 50 पेशेवर एथलीट इसमें भाग लेंगे. आयोजकों का दावा है कि सभी खिलाड़ियों की मेडिकल निगरानी की जाएगी ताकि उनकी सेहत को नुकसान न पहुंचे.
After all these years, you finally got your wish, Dave. 🥲 https://t.co/mvL1xkrVCA pic.twitter.com/Mwc6xEkysi
— Old Hollow Tree (@OldHollowTree) May 23, 2026Also Read
इस आयोजन को उस समय और ज्यादा सुर्खियां मिलीं जब अमेरिकी कारोबारी और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की इन्वेस्टमेंट फर्म 1789 Capital ने इसमें निवेश किया. टेक निवेशक पीटर थील का नाम भी इससे जुड़ा है.
विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी World Anti-Doping Agency और International Olympic Committee ने इस इवेंट की खुलकर आलोचना की है. WADA प्रमुख विटोल्ड बांका ने इसे खतरनाक प्रयोग बताया है. उनका कहना है कि खेलों की आत्मा निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा में होती है.
एनहांस्ड गेम्स की सबसे बड़ी ताकत इसकी भारी इनामी राशि मानी जा रही है. आयोजकों ने घोषणा की है कि रिकॉर्ड तोड़ने वाले खिलाड़ियों को 1 मिलियन डॉलर तक का बोनस मिलेगा. 100 मीटर स्प्रिंट जैसे बड़े मुकाबलों के विजेताओं को अलग से नकद पुरस्कार दिए जाएंगे. अमेरिकी धावक फ्रेड कर्ली जैसे बड़े नाम इसमें शामिल होने को तैयार हैं.