फीफा विश्व कप 2026 के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सामने आई एक पुलिस रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है. विश्वसनीय सूत्रों के हाथ लगे दस्तावेजों में मेस्सी समेत कई बड़े फुटबॉल सितारों को कथित धमकियों का उल्लेख है. रिपोर्ट में बम हमले, खिलाड़ियों का पीछा करने और इंटरनेट पर धमकियां देने जैसी घटनाओं का जिक्र किया गया है. सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए FBI और अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के तहत एक संयुक्त व्यवस्था भी बनाई गई थी.
रिपोर्ट में सबसे गंभीर मामले के तौर पर मेस्सी को निशाना बनाने की कथित योजना का उल्लेख है. दस्तावेज के मुताबिक, एक व्यक्ति ने अटलांटा के स्टेडियम में आत्मघाती हमला करने की धमकी दी थी. उसने सोशल मीडिया पर मेस्सी को बम से निशाना बनाने की बात लिखी थी. अधिकारियों ने इस पोस्ट को गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में देखा.
एक अन्य मामले में डलास हवाई अड्डे से किए गए फोन कॉल की जांच की गई. रिपोर्ट के अनुसार, फोन करने वाले ने दावा किया कि वह दो अन्य लोगों के साथ घर में बनाए गए बम और एआर-15 राइफल लेकर स्टेडियम जा रहा है. कथित धमकी में पुलिस अधिकारियों और खिलाड़ियों को निशाना बनाने की बात कही गई थी.
सुरक्षा रिपोर्ट में पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का नाम भी सामने आया. दावा है कि 14 जून को फीफा के एक कर्मचारी ने संदिग्ध व्यक्ति को रोनाल्डो के ठिकाने से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश करते देखा. टोरंटो, ह्यूस्टन और मियामी से भी ऐसी घटनाओं की जानकारी सामने आई.
फ्रांसीसी रेफरी फ्रांकोइस लेटेक्सियर भी कथित तौर पर सुरक्षा खतरों से अछूते नहीं रहे. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें प्रतियोगिता के दौरान व्हाट्सऐप पर करीब 6000 धमकी भरे संदेश मिले. इससे साफ होता है कि विश्व कप के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के सामने चुनौती केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं थी.
रिपोर्ट के मुताबिक, इन खतरों से निपटने के लिए अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो और अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के नेतृत्व में संयुक्त सुरक्षा नेटवर्क तैयार किया गया था. इसका उद्देश्य खिलाड़ियों, रेफरी और अधिकारियों से जुड़े संभावित खतरों की पहचान करना और समय रहते कार्यवाही करना था. हालांकि, सामने आए दावों की प्रकृति को देखते हुए संबंधित सुरक्षा घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी.