क्या टूट जाएगा करोड़ों फुटबॉल फैंस का सपना? भारत में नहीं देख पाएंगे FIFA WORLD CUP!
FIFA 2026 वर्ल्ड कप के टीवी राइट्स को लेकर चीन-भारत में अब तक कोई डील फाइनल नहीं हुई. इसके चलते इन दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों में दुनिया का सबसे बड़ा खेल दिवस देखने को नहीं मिलने का आसार हैं.
2026 FIFA वर्ल्ड कप की शुरुआत में अब एक महीने से भी कम समय बचा है. इस खेल दिवस की शुरूआत से पहले भारत-चीन के फुटबॉल फैंस के लिए बुरी खबर आ रही है. दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले भारत और चीन में अब तक टेलीविजन और डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग राइट्स तय नहीं हो पाए हैं. इससे कई फुटबॉल फैंस का FIFA WORLD CUP टीवी स्क्रीन पर देखने का सपना सपना ही रह जाएगा.
चीन में डील बचाने की कोशिश
FIFA इसको लेकर चिंता में आ गई है. जिसके चलते जल्द ही अधिकारियों की चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV के साथ महत्वपूर्ण बैठकें होंगी. बताया जा रहा है कि FIFA की शुरुआती मांग लगभग 300 मिलियन डॉलर थी लेकिन अब संस्था इसे 50 प्रतिशत से भी अधिक कम करने को तैयार दिखाई दे रही है. माना जा रहा है कि चीन में फुटबॉल दर्शकों की बड़ी संख्या को देखते हुए FIFA किसी भी हालत में प्रसारण समझौता टूटने नहीं देना चाहता. अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने वाला यह टूर्नामेंट वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड व्यूअरशिप की उम्मीद कर रहा है, इसलिए एशियाई बाजार उसके लिए बेहद अहम बने हुए हैं.
भारत में अब भी बनी हुई अनिश्चितता
चीन में बातचीत तेज हो गई है. वहीं भारत में स्थिति अब भी साफ नहीं है. JioHotstar ने 2026 FIFA वर्ल्ड कप के राइट्स में दिलचस्पी दिखाई है लेकिन वह FIFA की अपेक्षित रकम देने के लिए तैयार नहीं है. बताया जा रहा है कि 2022 वर्ल्ड कप के दौरान ब्रॉडकास्टिंग से अपेक्षित मुनाफा नहीं मिल पाया था. इस बार टूर्नामेंट के मैच भारतीय समय के हिसाब से देर रात और सुबह होने की संभावना है, जिससे दर्शकों की संख्या प्रभावित हो सकती है. यही वजह है कि कंपनियां बड़ी रकम निवेश करने से पहले बेहद सतर्क नजर आ रही हैं.
ICC महिला टी20 विश्व कप भी बना चुनौती
2026 में FIFA वर्ल्ड कप के साथ ही ICC महिला टी20 विश्व कप भी आयोजित होने वाला है. क्रिकेट भारत में सबसे फेमस खेल माना जाता है. इसके साथ ही महिला क्रिकेट की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ी है. ऐसे में ब्रॉडकास्टर्स को डर है कि दोनों बड़े टूर्नामेंट एक-दूसरे की व्यूअरशिप को प्रभावित कर सकते हैं. खास बात यह है कि महिला टी20 विश्व कप के मैच भारतीय दर्शकों के लिए ज्यादा बेहतर समय पर होंगे. साथ ही भारतीय महिला टीम के खेलने से दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है. इसी कारण FIFA के राइट्स को लेकर कंपनियां वित्तीय जोखिम को ध्यान में रखकर फैसले ले रही हैं.