साई सुदर्शन बाहर तो पडिक्कल ने संभाला मोर्चा, शतक से सुलझाई नंबर-3 की गुत्थी
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले अभ्यास मैच में देवदत्त पडिक्कल ने 103 रन की शानदार पारी खेली. उनके शतक से भारत को नंबर 3 बल्लेबाज के विकल्प पर बड़ी राहत मिली है.
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम प्रैक्टिस मैच में कुछ परेशानी से गुजर रही है. टीम के प्रदर्शन में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है इसके अलावा इंजरी टीम का पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही है. लेकिन इन परेशानियों के बीच वदत्त पडिक्कल ने अपनी बल्लेबाजी से टीम को थोड़ी राहत दी है. शुरुआती झटके के बाद उन्होंने मोर्चा संभाला और तेज शतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी. साई सुदर्शन के चोटिल होकर सीरीज से बाहर होने के बाद भारतीय टीम को नंबर 3 पर नए विकल्प की जरूरत थी. पडिक्कल की पारी ने इस तलाश को काफी हद तक आसान कर दिया है.
पडिक्कल ने संभाली लड़खड़ाती पारी
श्रीलंका की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 363 रन बनाकर पारी घोषित की. जवाब में भारत ने बिना खाता खोले यशस्वी जायसवाल का विकेट गंवा दिया. इसके बाद पडिक्कल क्रीज पर आए और उन्होंने धैर्य के साथ पारी को संभाला. उन्होंने 121 गेंदों में 103 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल रहे. शतक पूरा करने के बाद उन्होंने दूसरे बल्लेबाजों को मौका देने के लिए रिटायर्ड हर्ट होने का फैसला किया.
बाकी बल्लेबाजों ने फिर किया निराश
पडिक्कल के हटने के बाद भारतीय बल्लेबाजी एक बार फिर दबाव में नजर आई. ऋषभ पंत केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि ध्रुव जुरेल के बल्ले से सिर्फ 1 रन आया. ऐसे में पडिक्कल की पारी और भी महत्वपूर्ण हो गई. उन्होंने मुश्किल समय में रन बनाकर यह दिखाया कि जरूरत पड़ने पर वह पारी को संभालने की क्षमता रखते हैं.
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नंबर 3 पर मजबूत हुई दावेदारी
चेतेश्वर पुजारा के टेस्ट से हटने के बाद से भारत को तीसरे नंबर के लिए स्थायी विकल्प की तलाश रही है. साई सुदर्शन को इस भूमिका में मौके मिले, लेकिन चोट के कारण वह श्रीलंका सीरीज से बाहर हो चुके हैं. इस स्थिति में पडिक्कल पहले से ही विकल्प माने जा रहे थे. अभ्यास मैच में शतक लगाकर उन्होंने टीम प्रबंधन के सामने अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है.
घरेलू क्रिकेट का अनुभव आया काम
पडिक्कल ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई है. टेस्ट क्रिकेट में भी वह अपनी तकनीक और धैर्य दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. अभ्यास मैच में मिली जिम्मेदारी को उन्होंने मौके में बदला. 121 गेंदों पर शतक उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ नियंत्रण को भी दिखाता है. अब कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर के सामने तीसरे नंबर के लिए फैसला पहले से आसान हो सकता है.