16 मेडल, 7 गोल्ड और CWG में शानदार छलांग... Commonwealth Games 2026 में भारत ने दुनिया को दिखाया दम
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में 16 पदक अपने नाम किए. मुक्केबाजी में सात स्वर्ण मिले, जबकि एथलेटिक्स और जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया.
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का नौवां दिन भारत के लिए बेहद यादगार साबित हुआ. भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक जीते. सबसे अधिक सफलता मुक्केबाजी में मिली, जहां भारतीय मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण और तीन रजत पदक हासिल किए. एथलेटिक्स और जूडो में भी खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत की पदक संख्या में शानदार बढ़ोतरी की.
अब अंक तालिका में भारत कुल 39 मेडल्स के साथ चौथे पायदान पर है. भारत के नाम अब तक कुल 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल हैं.
मुक्केबाजी में भारत का उम्दा प्रदर्शन
भारत के लिए सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी से आई. प्रीति पवार, जैस्मीन लैंबोरिया, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी, प्रिया घंघास, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने अपने अपने फाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए. वहीं जदुमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल को रजत पदक मिला. इस तरह भारत ने मुक्केबाजी अभियान 7 गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल्स के साथ समाप्त किया.
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एथलेटिक्स में भी बरसे पदक
एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद उम्दा रहा. पैरा शॉट पुट में सोमन राणा ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि शुभम जुयाल ने रजत पदक अपने नाम किया. पुरुषों की तिहरी कूद में प्रवीण चित्रवेल ने रजत और सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने कांस्य पदक हासिल किया. गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर दौड़ में कांस्य जीतकर नया इतिहास रच दिया.
इसके अलावा जूडो में भी भारत के नाम एक पदक रहा. जूडो में उन्नति शर्मा ने महिला 63 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में एक और सफलता डाली. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोएस्टर को केवल एक मिनट सात सेकंड में इप्पोन से हराकर मुकाबला अपने नाम किया. यह जीत भारत के लिए दिन की अहम उपलब्धियों में शामिल रही.
भारत की पदक तालिका हुई और मजबूत
एक ही दिन में 16 पदक जीतने के बाद भारत की कुल पदक संख्या में बड़ा इजाफा हुआ. मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और जूडो में खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने साबित किया कि भारतीय दल कई खेलों में लगातार मजबूत हो रहा है. ग्लासगो में मिला यह प्रदर्शन आगे के मुकाबलों के लिए भी भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जा रहा है.