राजकोट: दूसरे वनडे में भारतीय टीम के पास सीरीज जीतने का सुनहरा मौका था, लेकिन न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. डेरिल मिचेल की शानदार 131 रन की पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने यह मैच 7 विकेट से अपने नाम कर लिया. इस हार के साथ तीन मैचों की वनडे सीरीज अब 1-1 से बराबर हो गई है. भारत के लिए केएल राहुल का शानदार शतक भी टीम को जीत नहीं दिला सका और केएल राहुल की शानदार पारी बेकार चली गई.
इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. खास तौर पर बीच के ओवरों में भारतीय टीम विकेट निकालने के लिए संघर्ष करती नजर आई. इसी का फायदा न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने उठाया और मैच पर पकड़ मजबूत कर ली. स्पिन गेंदबाजों से विकेट की उम्मीद थी, लेकिन वे दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके. लगातार विकेट न गिरने के कारण रन गति पर भी कोई रोक नहीं लग पाई.
मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार की सबसे बड़ी वजह मिडिल ओवर्स में विकेट न मिलना बताया. उन्होंने कहा कि जब बीच के ओवरों में विकेट नहीं गिरते, तो रन रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है, चाहे टीम स्कोर में 15 से 20 रन और क्यों न जोड़ ले. कप्तान ने बताया कि मिडिल ओवर्स में टीम के पास पांच फील्डर सर्कल के अंदर थे, फिर भी विकेट नहीं निकल पाए. ऐसे में जब बल्लेबाज जम जाता है, तो उसे आउट करना बहुत मुश्किल हो जाता है.
शुभमन गिल ने आगे कहा कि इस तरह की पिचों पर एक बार साझेदारी बन जाए, तो सेट बल्लेबाज के लिए लंबी पारी खेलना आसान हो जाता है. वहीं, नए बल्लेबाज के लिए शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलना आसान नहीं होता. उन्होंने माना कि पारी के शुरुआती 10 से 15 ओवरों में गेंद में थोड़ी बहुत मूवमेंट थी और उस समय भारतीय गेंदबाजों को और ज्यादा आक्रामक होकर गेंदबाजी करनी चाहिए थी. हालांकि, टीम उस मौके का पूरा फायदा नहीं उठा सकी.
कप्तान ने हार के लिए खराब फील्डिंग को भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने स्वीकार किया कि इस मैच में भी कुछ अहम कैच छोड़े गए. इन गलतियों ने न्यूजीलैंड को वापसी का मौका दिया और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया. शुभमन गिल के बयान से साफ है कि भारतीय टीम को आगे आने वाले मुकाबलों में कई बातों पर काम करने की जरूरत है. खास तौर पर मिडिल ओवर्स में विकेट लेने की रणनीति, गेंदबाजों की सोच और फील्डिंग में सुधार बेहद जरूरी है.